बालोद में भालू की संदिग्ध मौत पर बड़ी कार्रवाई, दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड छत्तीसगढ़ : के बालोद जिले में भालू की संदिग्ध मौत और उसके शव से ...
बालोद में भालू की संदिग्ध मौत पर बड़ी कार्रवाई, दो फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड
छत्तीसगढ़ : के बालोद जिले में भालू की संदिग्ध मौत और उसके शव से पंजे कटने के मामले में वन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। वन विभाग ने बिना सूचना दिए भालू को दफनाने के आरोप में दो वनरक्षकों को निलंबित कर दिया है।
क्या है मामला?
बालोद में एक मृत भालू का शव मिला, लेकिन जब अधिकारियों ने जांच की, तो उसमें से चारों पंजे गायब थे। इस घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बिना ही वनरक्षकों ने भालू को दफना दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंडल अधिकारी (DFO) ने तत्काल प्रभाव से दो फॉरेस्ट गार्ड्स को सस्पेंड कर दिया।
वन विभाग की सख्ती:
वन विभाग ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि भालू की मौत प्राकृतिक थी या शिकारियों ने उसे मारा। पंजे काटे जाने की वजह से अवैध तस्करी का शक भी जताया जा रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना से वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग अब अवैध शिकार और वन्यजीव अपराध के एंगल से भी जांच कर रहा है।
अवैध तस्करी का शक:
विशेषज्ञों के मुताबिक, भालू के पंजों का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र और अवैध व्यापार में किया जाता है। इसलिए इस मामले में वन्यजीव तस्करी की भी आशंका जताई जा रही है।
निष्कर्ष:
बालोद में भालू की संदिग्ध मौत और उसके पंजे काटे जाने का मामला गंभीर वन्यजीव अपराध की ओर इशारा करता है। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से यह साफ है कि अब लापरवाही और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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