कोरिया में 5 साल का बच्चा बना चाइल्ड कांस्टेबल: पिता के सपनों को पूरा करेगा मासूम विराज: कोरिया, छत्तीसगढ़: कहते हैं कि हौसले की कोई उम्र ...
कोरिया में 5 साल का बच्चा बना चाइल्ड कांस्टेबल: पिता के सपनों को पूरा करेगा मासूम विराज:
कोरिया, छत्तीसगढ़: कहते हैं कि हौसले की कोई उम्र नहीं होती, और इसी बात को सच कर दिखाया है 5 साल के मासूम विराज ठाकुर ने, जिसे छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में "चाइल्ड कांस्टेबल" के रूप में नियुक्त किया गया है। विराज के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत थे, लेकिन एक सड़क हादसे में उनकी असमय मृत्यु हो गई थी।
सोमवार को अपनी मां के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे विराज को पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने खुद नियुक्ति पत्र सौंपा। पुलिस की वर्दी पहने छोटे से कांस्टेबल विराज का उत्साह देखते ही बनता था। उसकी आंखों में गर्व और हौसले की चमक थी, मानो वह अपने पिता के अधूरे सपने को पूरा करने के लिए तैयार हो।
पुलिस विभाग की अनोखी पहल:
कोरिया पुलिस ने इस नियुक्ति के जरिए न केवल विराज और उसके परिवार को संबल देने की कोशिश की है, बल्कि यह भी साबित किया है कि पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभाती है। एसपी रवि कुमार कुर्रे ने कहा कि "यह कदम विराज के परिवार के प्रति हमारी संवेदना और सहयोग का प्रतीक है। पुलिस विभाग विराज के भविष्य को संवारने में हरसंभव मदद करेगा।"
स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना:
विराज को चाइल्ड कांस्टेबल बनाए जाने की खबर पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई। लोगों ने पुलिस विभाग की इस पहल की जमकर सराहना की। सोशल मीडिया पर भी विराज की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें वह पुलिस वर्दी पहने हुए गर्व से मुस्कुराता नजर आ रहा है।
विराज की यह अनोखी नियुक्ति उसके पिता की यादों को संजोने और उनके सम्मान को बनाए रखने की एक मिसाल बन गई है। यह घटना सिर्फ एक औपचारिक नियुक्ति नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और प्रेरणा का संदेश भी है, जो बताता है कि सच्ची सेवा केवल कानून का पालन करवाने में नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य से इंसानियत निभाने में भी होती है।
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