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अमित शाह ने नई दिल्ली में गायत्री परिवार के 'शताब्दी समारोह 2026' को संबोधित किया

2 नवंबर 2026 | केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह 2026 को संबोधित किया...

2 नवंबर 2026 | केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह 2026 को संबोधित किया। जानें समारोह के मुख्य संदेश।

(फ़ोटो: पत्र सूचना कार्यालय (PIB))
मुख्य बातें
  • अमित शाह ने नई दिल्ली में 'शताब्दी समारोह 2026' को संबोधित किया
  • गायत्री परिवार के 100 वर्ष: अखंड ज्योति, माताजी और आचार्य जी की साधना
  • गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों से 24 शुभ शक्तियों के जागृत होने की बात

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित 'शताब्दी समारोह 2026' को संबोधित किया। यह समारोह परम वंदनीया माताजी और अखंड ज्योति के अवतरण के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके और गायत्री परिवार के दल नायक डॉ. चिन्मय पंड्या सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अमित शाह ने कहा कि आज का दिन श्रद्धा, सेवा और संकल्प का दिन है। उन्होंने बताया कि अखंड ज्योति के प्रकट होने, माताजी के जन्म और पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना, तीनों के 100 वर्ष इसी वर्ष में एक साथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 100 का अंक पूर्णता का प्रतीक है, इसलिए यह वर्ष भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक यात्रा के लिए भी पूर्णता का वर्ष है।

शाह ने कहा कि वंदनीया माताजी ने स्वयं तप करके दूसरों को प्रकाश दिया। उनके अनुसार 100 वर्ष पहले जली यह ज्योति आज 100 से अधिक देशों में, 15 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि जनवरी में हरिद्वार में चार दिवसीय सम्मेलन हुआ था, और आज के समारोह में दो बड़े आयोजन हो रहे हैं, जिनमें पहला दीप महायज्ञ है।

गृह मंत्री ने गायत्री मंत्र के बारे में कहा कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संपूर्ण परिवर्तन का मार्ग है। उन्होंने कहा कि मंत्र के 24 अक्षर 24 शुभ ग्रंथियों से जुड़े हैं। इन शक्तियों के जागृत होने से अशुभ शक्तियों का दमन और शुभ शक्तियों का उदय होता है। ये शक्तियाँ दूरदर्शिता, संयम, तप, साहस, विवेक, सेवा और प्रेम जैसे गुणों से जुड़ी बताई गईं। उनके अनुसार जिस व्यक्ति में 24 शुभ गुणों का उदय होता है, उसका मोक्ष का मार्ग प्रशस्त हो जाता है।

शाह ने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को गायत्री मंत्र को जन-जन तक पहुँचाने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ऋषियों और युगपुरुषों ने भारतीय संस्कृति पर उपकार किया, वैसा ही उपकार आचार्य जी ने किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कई युवाओं को गायत्री मंत्र से लाभ मिला है, जिनकी सकारात्मक सोच, स्मरण शक्ति और निर्णय क्षमता बढ़ी है।

अपने संबोधन के अंत में शाह ने कहा कि गायत्री परिवार के माध्यम से एक आंदोलन खड़ा हो रहा है। इसे आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है, और यह कार्य जीवन के अंतिम क्षण तक करते रहना है।

स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB)

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