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गुवाहाटी में आठ-दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ संपन्न, 75 कारीगरों ने लिया हिस्सा

30 अक्टूबर 2026 | असम के गुवाहाटी में आठ-दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ संपन्न हुआ। मेले में 75 कारीगरों ने हिस्सा लिया और हथकरघा व हस्तशि...

30 अक्टूबर 2026 | असम के गुवाहाटी में आठ-दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ संपन्न हुआ। मेले में 75 कारीगरों ने हिस्सा लिया और हथकरघा व हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित किए गए।

गुवाहाटी में शिल्प समागम मेला 2026 के स्टॉल पर प्रदर्शित हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद
गुवाहाटी में शिल्प समागम मेला 2026 के स्टॉल पर प्रदर्शित हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद (फ़ोटो: पत्र सूचना कार्यालय (PIB))
मुख्य बातें
  • गुवाहाटी में 8-दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ संपन्न
  • 31 महिला कारीगरों सहित कुल 75 कारीगरों ने लिया हिस्सा
  • हथकरघा और हस्तशिल्प की लगभग 40 किस्में प्रदर्शित हुईं

असम के गुवाहाटी में खानापारा के फार्म गेट पर आठ-दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ संपन्न हो गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के इस मेले को आगंतुकों, स्थानीय समुदायों और कारीगरों से व्यापक सराहना मिली।

मेले का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को अपनी विरासत दिखाने, ग्राहकों से सीधा संपर्क बनाने और सामाजिक-आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने का मंच देना था। कर्नाटक के मैसूर में 19 अक्टूबर को पहले संस्करण के समापन के बाद यह वित्तीय वर्ष 2026–27 की ‘शिल्प समागम’ श्रृंखला का दूसरा आयोजन था।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में उद्यमिता को बढ़ावा देना, बाजार तक पहुंच बढ़ाना और अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों, सफाई मित्रों तथा विमुक्त जनजातियों के कारीगरों के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर देना शामिल था।

मेले में 31 महिला कारीगरों सहित कुल 75 कारीगरों ने हिस्सा लिया। यहां हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों की लगभग 40 किस्में प्रदर्शित की गईं। इनमें पूर्वोत्तर की क्षेत्रीय कारीगरी के साथ असमिया मेखेला चादर, बेंत-बांस की शिल्पकारी, ब्लॉक-प्रिंट कपड़े, कढ़ाई, चमड़े का काम और हथकरघा वस्त्र शामिल थे।

मंत्रालय के सचिव श्री सुधांशु पंत ने मेले का दौरा किया। उनके साथ एनएसएफडीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री प्रभात त्यागी और तीनों शीर्ष निगमों के वरिष्ठ अधिकारी भी थे। श्री पंत ने स्टॉलों और मंत्रालय के पैवेलियन में कारीगरों से बातचीत कर उनके कौशल और बाजार के अवसरों की जानकारी ली।

श्री पंत ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन के अनुरूप है। मेले में ‘भारत-ट्यूलिप’ कार्यक्रम को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया गया, जो वास्तविक दुकानों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए कारीगरों को बाजार से जोड़ता है।

मंत्रालय के पैवेलियन में एलईडी डिस्प्ले के जरिए कल्याणकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और कौशल विकास की जानकारी दी गई। रोज़ होने वाले पूर्वोत्तर के पारंपरिक संगीत और लोक नृत्य के कार्यक्रम आठों दिन लाइव स्ट्रीम किए गए। मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार, कारीगरों को उपभोक्ताओं से सीधे संवाद, संभावित व्यावसायिक संबंध और अच्छी बिक्री से आय मिली।

स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB)

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