30 अक्टूबर 2026 | अप्रैल से सितंबर 2026 की स्वास्थ्यांक रिपोर्ट में नारायणपुर जिले ने राज्य की शीर्ष ‘अचीवर्स’ श्रेणी में जगह बनाई। वित्ती...
30 अक्टूबर 2026 | अप्रैल से सितंबर 2026 की स्वास्थ्यांक रिपोर्ट में नारायणपुर जिले ने राज्य की शीर्ष ‘अचीवर्स’ श्रेणी में जगह बनाई। वित्तीय व्यय रैंकिंग में 22वें से 5वें स्थान पर पहुंचा।

- अप्रैल-सितंबर 2026 की स्वास्थ्यांक रिपोर्ट में राज्य की शीर्ष ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान
- वित्तीय व्यय रैंकिंग में 22वें से 5वें स्थान पर पहुंचा जिला
- संस्थागत प्रसव 54 प्रतिशत, राज्य औसत 30.3 प्रतिशत
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ की ‘स्वास्थ्यांक’ विश्लेषण रिपोर्ट में नारायणपुर जिले ने राज्य की शीर्ष ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान हासिल किया है। यह रिपोर्ट अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि के मॉनिटरिंग इंडिकेटर्स पर आधारित है।
स्वास्थ्य बजट के उपयोग में जिले ने सुधार दर्ज किया है। वर्ष 2025-26 की वित्तीय व्यय रैंकिंग में 22वें स्थान पर रहा नारायणपुर इस वर्ष 17 स्थानों की छलांग लगाकर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के रिकॉर्ड ऑफ प्रोसिडिंग के तहत जिले ने आवंटित राशि का 32.03 प्रतिशत व्यय किया है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में रिपोर्ट के अनुसार नारायणपुर में संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 54 है, जबकि राज्य का औसत 30.3 प्रतिशत है। पहली तिमाही में 98 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक गर्भ पंजीयन सुनिश्चित किया गया है।
पोषण पुनर्वास केंद्र में बेड ऑक्युपेसी दर 88 प्रतिशत और बच्चों की रिकवरी दर 86 प्रतिशत दर्ज की गई है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग का आंकड़ा 173 प्रतिशत और मरीजों के उपचार का प्रतिशत 132 रहा है। इस प्रदर्शन के लिए जिले को सर्वाेच्च स्कोर 2.00 दिया गया है।
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में नए कुष्ठ रोगियों में ग्रेड-2 विकलांगता की दर शून्य प्रतिशत दर्ज की गई है। संपर्कों की पहचान और एसडीआर-पीईपी के तहत दवा वितरण में जिले ने 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है।
रिपोर्ट के आधार पर आगामी महीनों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। वर्तमान में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान का स्तर 10 प्रतिशत है। इसे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सिकल सेल स्क्रीनिंग और टेली-कंसल्टेशन सेवाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़

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