• प्रधानमंत्री और जल शक्ति मंत्रालय को भेजे पत्र, पुनर्वास के साथ स्थायी बाढ़ नियंत्रण उपायों के लिए भी रखा प्रस्ताव : जगदलपुर : बस्तर लोकस...
• प्रधानमंत्री और जल शक्ति मंत्रालय को भेजे पत्र, पुनर्वास के साथ स्थायी बाढ़ नियंत्रण उपायों के लिए भी रखा प्रस्ताव :
जगदलपुर : बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने हालिया बाढ़ से प्रभावित बस्तर, सुकमा और बीजापुर जिलों के लिए केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहायता और दीर्घकालिक पुनरुद्धार पैकेज की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को पत्र भेजकर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, क्षतिग्रस्त मकानों व अधोसंरचना की मरम्मत तथा भविष्य में बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत के उपाय करने का आग्रह किया है।
सांसद के अनुसार, सितंबर में हुई भारी बारिश और इंद्रावती नदी के जलस्तर बढ़ने से बस्तर संभाग के कई गांव और निचले क्षेत्र प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि बस्तर, सुकमा और बीजापुर में मकानों के साथ सड़क, पुल-पुलिया, कृषि फसलों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
हालिया बाढ़ के दौरान इंद्रावती नदी के जलस्तर में तेज वृद्धि और बस्तर में सड़क संपर्क प्रभावित होने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। प्रभावित लोगों को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता लिए जाने की जानकारी भी प्रकाशित हुई थी।
प्रधानमंत्री राहत कोष से 500 करोड़ की मांग
सांसद महेश कश्यप ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से कुल 500 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता देने की मांग की है। प्रस्तावित राशि में:
बस्तर जिले के लिए 300 करोड़ रुपये
सुकमा जिले के लिए 100 करोड़ रुपये
बीजापुर जिले के लिए 100 करोड़ रुपये
शामिल हैं।
उन्होंने इस राशि का उपयोग प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मकान निर्माण और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने में किए जाने की मांग की है।
किसानों और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग
सांसद ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भेजे ज्ञापन में बाढ़ से प्रभावित खरीफ फसलों का सर्वे कर किसानों को प्रति एकड़ विशेष राहत राशि देने का आग्रह किया है। साथ ही क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए मकान और आजीविका सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
पशुधन और छोटे दुकानदारों को हुए नुकसान का आकलन कर सीधे DBT के माध्यम से मुआवजा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
स्थायी बाढ़ नियंत्रण के लिए कई प्रस्ताव
महेश कश्यप ने इंद्रावती नदी और जोरा नाला क्षेत्र में जलभराव तथा कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराने की मांग की है। इसके आधार पर संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और जोरा नाला पर ऑटोमेटेड एवं गेटेड कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने का सुझाव दिया गया है।
उन्होंने केंद्रीय जल आयोग के मार्गदर्शन में इंद्रावती नदी के तल में वर्षों से जमा गाद हटाने के लिए ड्रेजिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत करने की मांग भी की है। इसके अलावा नदी के जलागम क्षेत्रों में पौधरोपण और मृदा संरक्षण तथा जगदलपुर शहर में एकीकृत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़ने पर रियल टाइम अलर्ट सिस्टम की मांग
सांसद ने ओडिशा के खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के दौरान निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए केंद्रीय जल आयोग की मध्यस्थता में रियल टाइम डेटा शेयरिंग और ऑटोमेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने की मांग की है।
उनका प्रस्ताव है कि बांध से पानी छोड़े जाने की सूचना कम से कम 24 से 48 घंटे पहले संबंधित निचले क्षेत्रों तक पहुंचाई जाए, ताकि संवेदनशील इलाकों में समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
केंद्रीय टीम भेजने और विशेष पैकेज की मांग
सांसद महेश कश्यप ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी सत्यापन कराने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम बस्तर भेजने का आग्रह किया है। उन्होंने बस्तर के दीर्घकालिक पुनरुद्धार के लिए विशेष राहत पैकेज को शीघ्र मंजूरी देने की मांग की है।


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