• कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई और बस्तर बाढ़ को लेकर सरकार पर लगाए आरोप, प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग : जगदलपुर...
• कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई और बस्तर बाढ़ को लेकर सरकार पर लगाए आरोप, प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग :
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन जगदलपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी और बस्तर में हालिया बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कमर्शियल गैस की कीमतों में वृद्धि को महंगाई का अतिरिक्त बोझ बताते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए व्यापक राहत और मुआवजे की मांग रखी।
दीपक बैज ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी की कीमत बढ़ने का असर होटल, रेस्टोरेंट, खाद्य कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की लागत पर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग प्रभावित हो रहा है।
हालांकि, उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम शहर के अनुसार बढ़े हैं, जबकि 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव नहीं किया गया है। रायपुर में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत सितंबर के ₹2,976 से बढ़कर अक्टूबर में करीब ₹3,044.50 बताई गई है।
बैज ने पेट्रोल-डीजल, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि महंगाई के कारण आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है।
बस्तर बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री के दौरे पर सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बस्तर में हालिया बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दौरे के दौरान प्रभावित लोगों की समस्याओं और नुकसान का पर्याप्त आकलन नहीं किया गया।
बैज ने कहा कि बाढ़ से मकान, फसल, पशुधन, घरेलू सामान और सड़क-पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने राहत शिविरों और प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई गई सहायता को अपर्याप्त बताया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के अंतिम सप्ताह की बारिश और बाढ़ में छत्तीसगढ़ में आठ लोगों की मौत हुई और 23 हजार लोग प्रभावित हुए थे। मुख्यमंत्री ने बताया था कि सर्वे में 199 मकान पूरी तरह और करीब 11 हजार मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए थे। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए ₹1.20 लाख तथा प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त ₹10 हजार सहायता की घोषणा की गई थी।
मुख्यमंत्री ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात भी की थी।
कांग्रेस ने रखीं कई मांगें
दीपक बैज ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत राशि बढ़ाने की मांग की। कांग्रेस की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में:
- पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 5 लाख रुपये और आंशिक क्षति वाले मकानों के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा।
- फसल नुकसान के लिए अधिक मुआवजा और प्रभावित किसानों का कर्ज माफ करना।
- पशुधन के नुकसान का बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा।
- टीवी, फ्रिज, बिस्तर सहित घरेलू सामान के नुकसान का आकलन कर सहायता।
- प्रभावित परिवारों को दो माह का राशन दोबारा उपलब्ध कराना।
- बच्चों को कॉपी, किताब और स्कूल बैग उपलब्ध कराना।
- आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए विशेष शिविर लगाना।
- बाढ़ के बाद होने वाले संक्रमणों की रोकथाम के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के शिविर आयोजित करना।
- बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों और अन्य अधोसंरचना के पुनर्निर्माण के लिए बस्तर संभाग के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करना।
बैज ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे कर प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राहत व्यवस्था जरूरत के अनुरूप पर्याप्त नहीं है।
पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदु, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, प्रवक्ता जावेद खान, महामंत्री अभिषेक नायडू, अनुराग महतो, रविशंकर तिवारी और नीतीश शर्मा सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।


कोई टिप्पणी नहीं