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टी-सीएसआईआरटी ने साइबर स्वच्छता पर जागरूकता वेबिनार आयोजित किया

31 अक्टूबर 2026 | दूरसंचार विभाग के टी-सीएसआईआरटी ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह 2026 के तहत साइबर स्वच्छता पर वेबिनार आयोजित किय...

31 अक्टूबर 2026 | दूरसंचार विभाग के टी-सीएसआईआरटी ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह 2026 के तहत साइबर स्वच्छता पर वेबिनार आयोजित किया, जिसमें 190 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।

दूरसंचार विभाग का साइबर स्वच्छता जागरूकता वेबिनार
दूरसंचार विभाग का साइबर स्वच्छता जागरूकता वेबिनार (फ़ोटो: पत्र सूचना कार्यालय (PIB))
मुख्य बातें
  • टी-सीएसआईआरटी ने एनसीएसएएम 2026 के तहत साइबर स्वच्छता पर वेबिनार किया
  • 190 से अधिक प्रतिभागी, जिनमें दूरसंचार सेवा और इंटरनेट सेवा प्रदाता शामिल
  • फिशिंग से बचाव, सुरक्षित लिंक-अटैचमेंट, सॉफ्टवेयर अपडेट और त्वरित रिपोर्टिंग पर जोर

दूरसंचार विभाग (डीओटी) के दूरसंचार साइबर सुरक्षा घटना मोचन दल (टी-सीएसआईआरटी) ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (एनसीएसएएम) 2026 के हिस्से के रूप में "साइबर स्वच्छता की संस्कृति का निर्माण" विषय पर जागरूकता वेबिनार आयोजित किया। इसमें साइबर धोखाधड़ी, साइबर हमले और साइबर स्वच्छता पर चर्चा हुई। वेबिनार का उद्घाटन महानिदेशक दूरसंचार श्री अनिल कुमार गुप्ता और अपर महानिदेशक, डीजीटी मुख्यालय श्री सुरेश पुरी ने डीडीजी (टी-सीएसआईआरटी) श्री यशवंत कुमार की उपस्थिति में किया।

गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि साइबर खतरों के पैमाने और परिष्कार में वृद्धि के साथ प्रत्येक व्यक्ति की सतर्कता महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, सक्रिय डिजिटल सुरक्षा व्यक्तिगत, संगठनात्मक, सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर साइबर स्वच्छता को शामिल करने में रक्षा की पहली पंक्ति बनी हुई है।

सत्र में दूरसंचार विभाग मुख्यालय और लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों (एलएसए), एनसीए-टी और एनसीसीएस के 190 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) और इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) जैसे उद्योग हितधारक भी इसमें जुड़े।

टी-सीएसआईआरटी के विशेषज्ञों ने साइबर धोखाधड़ी और साइबर स्वच्छता, सोशल इंजीनियरिंग और साइबर किल चेन, मैलवेयर के प्रकार और सामान्य वेबसाइट हमलों पर बात की। उन्होंने बताया कि हमलावर कैसे काम करते हैं और ऐसे खतरों का पता कैसे लगाया जा सकता है और उनका मुकाबला कैसे किया जा सकता है।

सत्र में फिशिंग और धोखाधड़ी से बचाव, लिंक और अटैचमेंट को सुरक्षित तरीके से खोलने, समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट और साइबर घटनाओं की त्वरित रिपोर्टिंग की जरूरत पर जोर दिया गया। दूरसंचार विभाग ने निरंतर साइबर जागरूकता पहल के जरिए सुरक्षित राष्ट्र और भारत के डिजिटल भविष्य की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB)

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