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बस्तर में पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किश्त जारी, सैकड़ों किसान जुटे

30 अक्टूबर 2026 | जगदलपुर के कृषि विज्ञान केंद्र में पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किश्त का सीधा प्रसारण हुआ। सैकड़ों किसान जुटे और उन्न...

30 अक्टूबर 2026 | जगदलपुर के कृषि विज्ञान केंद्र में पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किश्त का सीधा प्रसारण हुआ। सैकड़ों किसान जुटे और उन्नत व प्राकृतिक खेती के गुर सीखे।

कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर में पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम में जुटे किसान
कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर में पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम में जुटे किसान (फ़ोटो: जनसंपर्क विभाग)
मुख्य बातें
  • देश भर के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक जारी
  • जगदलपुर में सैकड़ों किसान कृषि विज्ञान केंद्र में जुटे
  • किसानों को उन्नत सरसों के बीज वितरित किए गए

जगदलपुर में कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कुम्हरावंड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में हुआ। विज्ञप्ति के अनुसार 30 अक्टूबर 2026 को यह आयोजन हुआ।

गुजरात के बनासकांठा में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय समारोह से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे अंतरित की। प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष के अंतर्गत विकसित 521 इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने 12 हॉर्टीकल्चर क्लस्टर का शुभारंभ भी किया।

बस्तर में हुए जिला स्तरीय कार्यक्रम में सैकड़ों किसान ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री का उद्बोधन सुना। किसानों ने कृषि क्षेत्र में नवाचार अपनाने का संकल्प लिया।

कृषि विभाग के उप संचालक श्री राजीव श्रीवास्तव ने उर्वरक खरीद के लिए अनिवार्य पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया। प्रगतिशील कृषक श्री योगेश सिंह ठाकुर ने रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने का आह्वान किया। प्रगतिशील कृषक श्री नील कुमार बघेल ने खेती के साथ पशुपालन और जैविक पद्धतियाँ अपनाने का परामर्श दिया।

किसान मित्र श्री मुरली सेठिया ने प्राकृतिक खेती की महत्ता बताई। पशु चिकित्सा सर्जन डॉ. आलोक भार्गव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि और पशुपालन के समन्वित मॉडल अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी श्री योगेंद्र ठाकुर के मार्गदर्शन में उपस्थित किसानों को तकनीकी प्रदर्शन के लिए उन्नत सरसों के बीज बांटे गए। उद्देश्य आगामी रबी सीजन में बेहतर पैदावार प्राप्त करना बताया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संतोष नाग के मार्गदर्शन में आयोजन संपन्न हुआ। इसमें कृषक नन्द कुमार पाण्डेय, त्रिनाथ आचार्य, जयंती नेताम और सुनीता दास सहित केवीके के वैज्ञानिक, कृषि विभाग के गुरु प्रसाद नेताम, इफ्को के जिला प्रबंधक लाल बहादुर सिंह और विक्रम भदौरिया तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

स्रोत: जनसंपर्क विभाग

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