4thcolumn.in बस्तर | छत्तीसगढ़ | 26 अक्टूबर 2026 मौसम अलर्ट | बस्तर चक्रवात की आशंका से बस्तर हाई अलर...
चक्रवात की आशंका से बस्तर हाई अलर्ट पर, 18 से अधिक राहत शिविर तैयार
तटीय गांवों में मुनादी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैयारी; इंद्रावती के जलस्तर पर नजर, 24 घंटे सक्रिय बाढ़ नियंत्रण कक्ष।
आपात स्थिति में सबसे पहले यहां संपर्क करें
जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष — 24 घंटे
जलभराव, बाढ़ की आशंका अथवा तत्काल सहायता के लिए संपर्क करें।
मौसम विभाग द्वारा 27 से 29 अक्टूबर के दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भीषण चक्रवाती तूफान के लैंडफॉल की चेतावनी जारी किए जाने के बाद बस्तर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। चक्रवात के संभावित प्रभाव से बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशन में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
प्रशासन का जोर संभावित प्रभावित इलाकों में समय रहते चेतावनी, जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत एवं बचाव दलों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर है।
24 घंटे निगरानी में रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
जिला कार्यालय की नाजिर शाखा के पास विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसे 26 से 31 अक्टूबर तक चार पालियों में संचालित करने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की चौबीसों घंटे तैनाती के माध्यम से संभावित आपात स्थितियों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की तैयारी है।
नियंत्रण कक्ष केंद्रीय जल आयोग के संपर्क में रहकर इंद्रावती नदी के जलस्तर तथा क्षेत्र में हो रही बारिश पर लगातार नजर रखेगा। नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
इंद्रावती, मार्कण्डी और नारंगी नदी के आसपास विशेष सतर्कता
जिला प्रशासन ने इंद्रावती, मार्कण्डी और नारंगी नदियों के तटीय तथा निचले इलाकों में स्थित गांवों को विशेष निगरानी में रखा है। जगदलपुर, बकावण्ड, लोहण्डीगुड़ा और बस्तर तहसील के प्रभावित हो सकने वाले ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
संभावित प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधीक्षक भू-अभिलेख और अनुविभागीय अधिकारियों सहित विभिन्न तहसीलों के 13 नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।
18 से अधिक भवनों में राहत शिविर की व्यवस्था
बाढ़ अथवा जलभराव की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 18 से अधिक प्राथमिक शाला भवनों, सामाजिक भवनों, मंगल भवनों और धर्मशालाओं को राहत शिविर के रूप में तैयार किया गया है।
इन शिविरों में नोडल अधिकारियों की तैनाती कर उन्हें सक्रिय किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर भोजन, पेयजल और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। संकट की स्थिति में राहत शिविरों तक समय पर पहुंचना और स्थानीय प्रशासन से संपर्क बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नगर सेना की तैयारी
मैदानी स्तर पर बचाव एवं राहत कार्यों के लिए नगर सेना और एसडीआरएफ के साथ एनडीआरएफ की टीम की तैनाती की तैयारी की गई है। बचाव दलों को हाई-पावर मोटर बोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, अंडरवाटर रेस्क्यू सिस्टम, पोर्टेबल फ्लोटिंग पंप, कटर और गैस डिटेक्टर जैसे आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करना है।
जिला स्तरीय अधिकारियों के संपर्क नंबर
- जिला स्तरीय नोडल अधिकारी — अपर कलेक्टर श्री दिलेराम डाहिरे — 9827152283
- जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी, नगर सेना जगदलपुर श्री संतोष कुमार मार्बल — 7974743964
- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जगदलपुर श्री मनीष वर्मा — 9406349496
- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बस्तर श्री अजय कुमार शतरंज — 8717902544
- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लोहण्डीगुड़ा सुश्री नंदनी साहू — 7898632929
- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तोकापाल श्री सत्येन्द्र कुमार बंजारे — 7898748891
- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बकावण्ड श्री अमित बेक — 8659966210
तहसीलवार स्थानीय सहायता नंबर
- जगदलपुर तहसीलदार — श्री राहुल गुप्ता: 6263550976
- तोकापाल तहसीलदार — श्रीमती यशोदा केतारप: 9424297984
- बास्तानार तहसीलदार — श्री पुष्पराज मिश्रा: 9174081224
- दरभा तहसीलदार — श्री सुनील कुमार ध्रुव: 9399163436
- लोहण्डीगुड़ा तहसीलदार — श्री कैलाश पोयाम: 8770723024
- बकावण्ड तहसीलदार — श्रीमती जागेश्वरी गावड़े: 8817274350
- बस्तर तहसीलदार — श्रीमती जॉली जेम्स: 9424291946
- भानपुरी तहसीलदार — श्री जीवेश शोरी: 9406422812
- नानगुर तहसीलदार — श्रीमती दिपिका देहारी: 9425596378
- करपावण्ड तहसीलदार — श्री पंकज बघेल: 7879119049
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
- प्रशासन की मुनादी और आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
- नदी, नालों और जलमग्न रास्तों को पार करने का जोखिम न लें।
- बाढ़ की आशंका होने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं और प्रशासन के निर्देश मानें।
- बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सुरक्षा दें तथा जरूरी दवाएं और पेयजल साथ रखें।
- अफवाहों पर भरोसा न करें; सहायता के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें।
जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 07782-223122
अफवाहों से बचें, सतर्कता को दें प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और मुनादी के माध्यम से दिए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। संकट की स्थिति में सीधे बाढ़ नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित स्थानीय अधिकारी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
चक्रवात का वास्तविक प्रभाव स्थानीय मौसम और वर्षा की स्थिति पर निर्भर करेगा। ऐसे में समय पर सूचना, सतर्कता और प्रशासन के साथ सहयोग ही जनसुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं।
स्रोत: बस्तर जिला प्रशासन की उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति।
पाठकों से अनुरोध: मौसम संबंधी नवीनतम आधिकारिक चेतावनियों और प्रशासनिक निर्देशों की पुष्टि करते रहें।


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