• बस्तर पुलिस ने 20 दिनों के भीतर सुलझाया मामला, 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड और 25 हजार रुपये नकद जब्त : जगदलपुर : सोशल मीडिय...
• बस्तर पुलिस ने 20 दिनों के भीतर सुलझाया मामला, 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड और 25 हजार रुपये नकद जब्त :
जगदलपुर : सोशल मीडिया पर सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर एक सेवानिवृत्त शिक्षक से 5 लाख 90 हजार रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में बस्तर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी झारखंड के जामताड़ा जिले के निवासी हैं, जिन्हें पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और 25 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मामले में अपराध दर्ज होने के 20 दिनों के भीतर कार्रवाई की गई। आरोपियों को न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद बस्तर लाया गया है। पुलिस अब जब्त किए गए एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबरों के आधार पर अन्य राज्यों में हुई साइबर ठगी की घटनाओं में उनकी संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है।
• फेसबुक विज्ञापन के जरिए बुना ठगी का जाल :
पुलिस के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक ने फेसबुक पर सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। सरकारी लाभ मिलने की उम्मीद में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। लिंक खुलने के बाद ऑनलाइन फॉर्म में आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भरने का विकल्प मिला।
शिकायत के मुताबिक, शिक्षक ने फॉर्म में कुछ जानकारी भरने के बाद उसे अधूरा छोड़ दिया था। इसके बाद अज्ञात मोबाइल नंबरों से उन्हें फोन कॉल आए। इन कॉल के माध्यम से उनकी व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर बैंक खाते से 5.90 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए गए।
इस मामले में थाना फ्रेजरपुर (परपा) में अपराध क्रमांक 241/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
• तकनीकी जांच के आधार पर कोलकाता पहुंची पुलिस :
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गईं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के पर्यवेक्षण तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे और साइबर उप पुलिस अधीक्षक चंद्रहास के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस टीम ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों, ठगी की रकम जिन बैंक खातों में स्थानांतरित हुई थी और एटीएम से रकम निकासी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में आरोपियों के तार झारखंड के जामताड़ा जिले से जुड़े पाए गए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनका लोकेशन कोलकाता में मिला। इसके बाद निरीक्षक सागर पाठक के नेतृत्व में टीम को कोलकाता भेजा गया। वहां पार्क स्ट्रीट क्षेत्र में करीब 200 होटलों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
• 82 एटीएम कार्ड समेत कई सामान जब्त :
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, क्रोमा के ईयरपॉड, हेडफोन और पावर बैंक सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री तथा 25 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।
पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री के आधार पर अन्य जिलों और राज्यों में हुई साइबर ठगी की घटनाओं से जुड़े संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है।
• बस्तर पुलिस की अपील: अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें :
बस्तर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पेंशन कार्ड, सरकारी योजनाओं या वित्तीय लाभ के नाम पर सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों और अनजान लिंक पर भरोसा न करें। आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
पुलिस ने नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी संबंधित विभागों के आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करने और सोशल मीडिया खातों पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखने की सलाह दी है। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।




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