31 अक्टूबर 2026 | बस्तर संभाग की 485 बसाहटों के सड़क कार्य स्वीकृत, 280 बसाहटों के लिए 804.06 करोड़ रुपए के 263 सड़क प्रस्ताव प्राप्त, उप ...
31 अक्टूबर 2026 | बस्तर संभाग की 485 बसाहटों के सड़क कार्य स्वीकृत, 280 बसाहटों के लिए 804.06 करोड़ रुपए के 263 सड़क प्रस्ताव प्राप्त, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आभार जताया।

- बस्तर की 485 बसाहटों के सड़क कार्य स्वीकृत
- 280 बसाहटों के लिए 263 प्रस्ताव, लागत 804.06 करोड़ रुपए
- नक्सल-मुक्त दुर्गम गांवों के लिए विशेष छूट का अनुरोध
बस्तर संभाग की 485 बसाहटों के सड़क कार्यों को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा 280 बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन कार्यों की अनुमानित लागत 804.06 करोड़ रुपए है। यह जानकारी छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति में दी गई है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बस्तर संभाग की 1,168 बसाहटों में सड़क कार्य विभिन्न चरणों में चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के प्रथम बैच में संभाग की 234 बसाहटों के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें बस्तर की 87, बीजापुर की 44, दंतेवाड़ा की 12, कांकेर की 41, कोण्डागांव की 34 और सुकमा की 16 बसाहटें शामिल हैं।
दूसरे बैच में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और सुकमा की बसाहटों के प्रस्ताव शामिल हैं। इन सड़कों की कुल लंबाई 841.825 किलोमीटर है। विज्ञप्ति के अनुसार इनसे अंदरूनी वनांचल क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बढ़ेगी और ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, आंगनबाड़ी, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी।
पुलों के संबंध में केंद्रीय मंत्री ने पत्र में बताया कि पीएमजीएसवाई-4 के बैच-1 के 206 पुलों और पीएम-जनमन योजना के 167 पुलों के प्रस्तावों पर अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में विचार हुआ। इन प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति दी जाएगी। नारायणपुर में पीएम-जनमन के तहत 22 लंबे पुलों के प्रस्ताव तैयार हुए हैं, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 87.45 करोड़ रुपए है।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नक्सलवाद से मुक्त हुए दुर्गम गांवों के लिए विशेष छूट का अनुरोध किया था। इन गांवों में कई बसाहटों की जनसंख्या 100 से कम है, जिस कारण वे प्रचलित मापदंडों से बारहमासी सड़क की पात्रता से बाहर रह जाते हैं। अनुरोध में क्लस्टर की जनसंख्या गणना में छूट और 10 किलोमीटर की परिधि की छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानने की बात कही गई है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि शेष पात्र बसाहटों की पहचान के लिए ग्राम सड़क सर्वेक्षण (जीएसएस) ऐप से चार माह का सर्वेक्षण शुरू किया गया है। विशेष छूट के अनुरोध पर परीक्षण प्राप्त तथ्यों और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़

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