• मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में धान खरीदी, बकाया राशि, कृषक उन्नति योजना, सिंचाई और खाद की कीमतों सहित 11 मांगें रखीं : जगदलपुर : भारत...
• मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में धान खरीदी, बकाया राशि, कृषक उन्नति योजना, सिंचाई और खाद की कीमतों सहित 11 मांगें रखीं :
जगदलपुर : भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने प्रदेश के किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर तहसीलदार लोहण्डीगुड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने किसानों की आर्थिक स्थिति, धान खरीदी व्यवस्था, कृषि लागत और सिंचाई सहित विभिन्न मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने कहा कि गाय और किसान छत्तीसगढ़ की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ राज्य और देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। संघ ने किसानों को उनके उत्पाद और भूमि का उचित मूल्य नहीं मिलने तथा कृषि लागत बढ़ने की बात कही। साथ ही गो आधारित जैविक खेती और गौ संरक्षण को बढ़ावा देने की मांग रखी।
संघ ने ज्ञापन में 11 प्रमुख मांगें शासन के समक्ष रखी हैं।
धान खरीदी और किसानों की राशि से जुड़ी मांगें
भारतीय किसान संघ ने ‘गौचंदन योजना’ से संबंधित अपने प्रस्ताव को प्रदेश में लागू करने और इसे जी-राम-जी योजना की गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन व्यवस्था से जोड़ने की मांग की है।
संघ ने वर्ष 2022-23 की धान खरीदी की रुकी हुई 1700 करोड़ रुपये की राशि किसानों को तत्काल उपलब्ध कराने की मांग भी की है। इसके अलावा कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ मिलने वाली 800 रुपये की राशि को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य से जोड़ने तथा सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी योजना में शामिल करने की मांग की गई है।
धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने और प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम धान लेने संबंधी आदेश जारी करने की मांग ज्ञापन में की गई है। संघ ने दावा किया है कि इस संबंध में 13 अक्टूबर 2025 को कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव द्वारा घोषणा किए जाने के बावजूद आदेश जारी नहीं हुआ है।
पंजीयन और टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग
संघ ने एग्रीस्टेक में शामिल खातेदारों को पंजीयन में आ रही समस्याओं का हवाला देते हुए धान खरीदी के लिए सभी खातेदारों के पंजीयन की अनिवार्यता में शिथिलता देने की मांग की है।
धान खरीदी की टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए बड़े किसानों को पांच, लघु किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन देने की मांग की गई है। इसके साथ ही धान खरीदी के दौरान अनावश्यक दबाव डालकर खाता समर्पण कराने की प्रक्रिया बंद करने की मांग रखी गई है।
फसल मूल्य, सिंचाई और बिजली व्यवस्था के मुद्दे
ज्ञापन में गन्ना फसल के मूल्य में 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने और इसे कृषक उन्नति योजना में शामिल करने की मांग की गई है।
भारतीय किसान संघ ने अरपा-भैसाझार जैसी अधूरी सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाने तथा सिंचाई की संभावनाओं वाली नई परियोजनाओं को स्वीकृति देने की मांग भी रखी है।
इसके अलावा विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने, बाजार में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में भारतीय किसान संघ से संबंधित उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुसार कार्यवाही करने की मांग ज्ञापन में शामिल है।


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