Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

आयरन ओर चोरी मामले में सियासत गरम, मलकीत सिंह गैदु ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

• 31.5 टन आयरन ओर की कथित हेराफेरी मामले में सिर्फ दो लोगों पर एफआईआर को बताया अपर्याप्त, पूरे नेटवर्क और पुराने रिकॉर्ड की जांच की मांग : ...

31.5 टन आयरन ओर की कथित हेराफेरी मामले में सिर्फ दो लोगों पर एफआईआर को बताया अपर्याप्त, पूरे नेटवर्क और पुराने रिकॉर्ड की जांच की मांग :

नगरनार : नगरनार स्टील प्लांट के लिए भेजे गए 31.5 टन आयरन ओर को कथित तौर पर रास्ते में एक निजी यार्ड में उतारे जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदु ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एफआईआर को केवल दो लोगों तक सीमित कर मामले के अन्य संभावित आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

गैदु ने कहा कि यदि आयरन ओर के परिवहन में अनियमितता सामने आई है तो जांच केवल वाहन चालक और निजी यार्ड से जुड़े व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने ट्रांसपोर्ट कंपनी, वाहन मालिक, माल की निगरानी से जुड़े जिम्मेदार लोगों और मामले से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की।


'जांच दो लोगों तक सीमित क्यों?'

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि एक ट्रक और दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद पूरे मामले की जांच आगे बढ़ रही है या इसे सीमित कर समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामला केवल एक ट्रक से आयरन ओर की कथित हेराफेरी तक सीमित नहीं हो सकता।

गैदु ने मांग की कि यदि रेलवे साइडिंग से लंबे समय से आयरन ओर के परिवहन में अनियमितताएं होती रही हैं तो पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए।


पुलिस पर दबाव का लगाया आरोप

मलकीत सिंह गैदु ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की चर्चा है। उन्होंने एक भाजपा विधायक के कथित दबाव में कुछ लोगों को कार्रवाई के दायरे से बाहर रखने के आरोप की निष्पक्ष जांच की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक या प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में पुलिस कार्रवाई सीमित की गई है तो यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


पुराने परिवहन रिकॉर्ड की जांच की मांग

गैदु ने पुलिस प्रशासन और एनएमडीसी से मांग की कि मौजूदा मामले के साथ पिछले कई वर्षों में रेलवे साइडिंग से नगरनार स्टील प्लांट और अन्य स्थानों तक भेजे गए आयरन ओर के परिवहन रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।

उन्होंने वाहन नंबर, ई-परमिट, वजन पर्ची, ट्रांजिट रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, वाहनों की GPS अथवा मोबाइल लोकेशन, रेलवे साइडिंग के रिकॉर्ड और निजी यार्ड की आवक-जावक का मिलान कराने की मांग की।

उनका कहना है कि इन रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि आयरन ओर कहां से लोड हुआ, किस वाहन से भेजा गया, किस मार्ग से निजी यार्ड तक पहुंचा, किसके निर्देश पर उतारा गया और इसके बाद माल का क्या हुआ।


निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग

गैदु ने कहा कि कांग्रेस किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने की मांग नहीं कर रही है, बल्कि पार्टी की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क, कारोबारी, बिचौलिए या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उनकी भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने पुराने परिवहन परमिट, वजन रिकॉर्ड, वाहनों की आवाजाही और माल के गंतव्य तक पहुंचने से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की।

गैदु ने कहा कि यदि लंबे समय से आयरन ओर के परिवहन में इस तरह की अनियमितताएं हुई हैं तो एनएमडीसी को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका हो सकती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन और एनएमडीसी से मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की।

कोई टिप्पणी नहीं

Girl in a jacket