"मछली पालन से बदली तकदीर: दंतेवाड़ा के किसान राजू राम बने आत्मनिर्भरता की मिसाल" दंतेवाड़ा, 03 मई 2026।(रोमेश नामदेव) छत्तीसगढ़ क...
"मछली पालन से बदली तकदीर: दंतेवाड़ा के किसान राजू राम बने आत्मनिर्भरता की मिसाल"
दंतेवाड़ा, 03 मई 2026।(रोमेश नामदेव)छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव कँवलनार के किसान श्री राजू राम भवानी ने मेहनत, नवाचार और सरकारी योजनाओं के समुचित उपयोग के बल पर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल कायम की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मछली पालन को अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरे हैं।
वर्ष 2023 में मछली पालन की शुरुआत करने वाले राजू राम ने लगभग 25 से 30 डिसमिल भूमि में तालाब निर्माण कर रोहू, कतला और अन्य प्रजातियों की मछलियों का पालन प्रारंभ किया। प्रारंभिक दौर में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी निरंतर मेहनत, सीखने की ललक और मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने की दिशा दी।
उनकी लगन का ही परिणाम है कि वर्ष 2023-24 से अब तक वे 50 से 60 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर चुके हैं। यह आय उनके परिवार के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक साबित हो रही है, वहीं आसपास के ग्रामीणों को भी स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित कर रही है।
सुशासन तिहार 2026 में मिली पहचान
राजू राम की इस सफलता को ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत ग्राम केशापुर में आयोजित जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में विशेष रूप से सराहा गया। इस दौरान मत्स्य पालन विभाग द्वारा उन्हें मछली आखेट हेतु जाल प्रदान किया गया, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं का प्रतीक है।
सरकारी योजनाओं का मिला लाभ
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से प्राप्त आर्थिक सहयोग ने भी उनके कार्य को गति दी। योजनाओं के सही क्रियान्वयन और विभागीय सहयोग से उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो ग्रामीण क्षेत्र में भी समृद्धि की नई राह बनाई जा सकती है।
राजू राम भवानी की यह सफलता कहानी आज उन किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे हैं।


कोई टिप्पणी नहीं