Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

श्रद्धा और भक्ति से सजेगा जगदलपुर, भगवान चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव की तैयारियां पूरी

 " जगदलपुर में 10 मई को भगवान श्री चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। शोभायात्रा, भजन संध्या और सम्मान समारोह होंगे आकर्षण का केंद्...

 "जगदलपुर में 10 मई को भगवान श्री चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। शोभायात्रा, भजन संध्या और सम्मान समारोह होंगे आकर्षण का केंद्र।"



 चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव इस वर्ष 10 मई रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। आयोजन स्थानीय चित्रांश भवन, सिविल लाइन लालबाग में होगा, जिसमें जगदलपुर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों और कस्बों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होंगे।

कायस्थ समाज के सचिव गजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिवर्ष वैशाख शुक्ल गंगा सप्तमी के अवसर पर भगवान श्री चित्रगुप्त का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष भी कार्यक्रम को विशेष और भव्य रूप देने की तैयारी की गई है।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान चित्रगुप्त के अभिषेक, पूजन, हवन और महाआरती से होगी। इसके बाद महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान श्री चित्रगुप्त की भव्य शोभायात्रा होगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी। शोभायात्रा में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भगवान चित्रगुप्त के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।

शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें कलाकार भजनों के माध्यम से भगवान चित्रगुप्त की स्तुति प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद सामाजिक सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें समाज के प्रतिभाशाली बच्चों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर संजय पांडे करेंगे, जबकि नगर निगम सभापति खेम सिंह देवांगन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

कायस्थ समाज ने अधिक से अधिक संख्या में समाजजनों से कार्यक्रम में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्री चित्रगुप्त को कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाला देवता माना जाता है। कायस्थ समाज में उन्हें विशेष स्थान प्राप्त है और समाजजन उन्हें अपने इष्टदेव के रूप में पूजते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं

Girl in a jacket