जगदलपुर, 16 अप्रैल 2026। बस्तर जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के उद्देश्य से प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा ...
जगदलपुर, 16 अप्रैल 2026।
बस्तर जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के उद्देश्य से प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में लोहंडीगुड़ा विकासखंड के नक्सलमुक्त पॉवेल गांव में गुरुवार को कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
दुर्गम पहाड़ियों के बीच प्रशासन की पहुंच
पॉवेल गांव, जो दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, वहां तक पहुंचने के लिए प्रशासनिक दल को दंतेवाड़ा जिले के बारसूर मार्ग से होकर गुजरना पड़ा। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से अधिकारियों का आत्मीय स्वागत किया। यह दृश्य प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास प्राथमिकता: कलेक्टर
चौपाल को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने स्पष्ट किया कि नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान, बस्तर मुन्ने कार्यक्रम तथा नियद नेल्लानार योजना 2.0 जैसी योजनाओं की जानकारी देते हुए इनके माध्यम से जीवन स्तर में सुधार लाने पर जोर दिया।
मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा
चौपाल के दौरान कलेक्टर ने राशन वितरण, आधार कार्ड, सामाजिक पेंशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालय और प्रधानमंत्री आवास योजना की जमीनी स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
ग्रामीणों ने पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिस पर कलेक्टर ने खराब पड़े बोरवेल को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी तीन माह के राशन की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने और गांव में शासकीय राशन दुकान भवन निर्माण की स्वीकृति देने की घोषणा की।
युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की अपील
पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अब प्रशासन की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों तक हो रही है, जिसका लाभ युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों के रूप में लेना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से पुलिस भर्ती प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी थाने से संपर्क करने की अपील की।
हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ
चौपाल के दौरान प्रशासन द्वारा 56 नए राशन कार्ड, आधार कार्ड और वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही बच्चों को चॉकलेट, बिस्किट, टिफिन बॉक्स और पानी की बोतल वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर विपिन दुबे, नीतीश वर्मा, कैलाश पोयाम, धनेश्वर पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
पॉवेल गांव में आयोजित यह चौपाल नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास और विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। प्रशासन का यह प्रयास न केवल योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कर रहा है।




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