सरकार की नई नक्सल नीति: इनामी नक्सलियों को सरेंडर पर मिलेगी जमीन और सरकारी नौकरी: रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सरक...
सरकार की नई नक्सल नीति: इनामी नक्सलियों को सरेंडर पर मिलेगी जमीन और सरकारी नौकरी:
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य में नक्सलवाद समाप्त करने की डेडलाइन 31 मार्च 2026 तय की है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने नई नक्सल नीति तैयार की है, जिसे अमित शाह 4 अप्रैल को अपने दौरे के दौरान लॉन्च करेंगे।
सरेंडर करने वालों को बड़े फायदे:
नई नीति के तहत सरकार 5 लाख रुपये तक के इनामी नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने पर एक हेक्टेयर तक की जमीन देगी। इसके अलावा, उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी प्रावधान रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस नीति से नक्सल प्रभावित इलाकों में आत्मसमर्पण करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को बेहतर पुनर्वास का अवसर मिलेगा।
अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा:
गृह मंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे नई नक्सल नीति का औपचारिक ऐलान करेंगे। राज्य सरकार ने इस नीति को विशेष रूप से तैयार किया है, ताकि उन नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाया जा सके जो हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं।
सरकार की रणनीति और लक्ष्य:
राज्य सरकार का लक्ष्य नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को तेजी से बढ़ावा देना और उग्रवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करना है। अधिकारियों के अनुसार, नई नीति से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी और छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से मुक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
क्या है सरकार की उम्मीद?
सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। इसके अलावा, सुरक्षा बलों का दबाव भी नक्सलियों पर बना रहेगा, जिससे राज्य में शांति बहाली की प्रक्रिया तेज होगी।
नई नीति से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक बढ़त मिलने की संभावना है। अब देखना यह होगा कि इस योजना का जमीनी असर कितना होता है।
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