बिलासपुर में शिक्षा विभाग का दावा: परीक्षा में नहीं मिले नकलची, नकल कराने वाली लेक्चरर सस्पेंड: बिलासपुर : शिक्षा विभाग ने 10वीं और 12वीं...
बिलासपुर में शिक्षा विभाग का दावा: परीक्षा में नहीं मिले नकलची, नकल कराने वाली लेक्चरर सस्पेंड:
बिलासपुर : शिक्षा विभाग ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार सख्त कदम उठाए। जिले में छह उड़नदस्ता दल बनाए गए, जिनमें 36 अधिकारियों को शामिल किया गया था। इन दलों ने परीक्षा केंद्रों का कड़ा निरीक्षण किया और विभाग का दावा है कि जिले में एक भी नकलची छात्र नहीं मिला।
DPI ने लेक्चरर को किया सस्पेंड:
शिक्षा विभाग की इस कड़ी निगरानी के बावजूद, शहर के उसलापुर स्थित एक परीक्षा केंद्र में एक लेक्चरर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच में सामने आया कि वह परीक्षार्थियों को अनुचित सहायता प्रदान कर रही थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, DPI (डायरेक्टर ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन) ने संबंधित लेक्चरर को लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
नकल रोकने के लिए सख्त निगरानी:
शिक्षा विभाग ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए पहले से ही सख्त इंतजाम किए थे। हर परीक्षा केंद्र पर विशेष निगरानी रखी गई और उड़नदस्ता दलों को सक्रिय किया गया।
शिक्षा विभाग की सख्ती का असर:
अधिकारियों के मुताबिक, इस बार नकल की घटनाओं में भारी कमी देखी गई है। विभाग के कड़े रुख और लगातार निरीक्षण के चलते परीक्षाएं शांतिपूर्ण और पारदर्शी माहौल में संपन्न हो रही हैं।
शिक्षा विभाग के इस अभियान को लेकर छात्रों और अभिभावकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विभाग का कहना है कि आने वाले वर्षों में भी इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी ताकि परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा सके।
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