सरकारी कॉलेजों के लिए पहली बार हो रही भर्ती, 595 पद भरने का लक्ष्य रायपुर: प्रदेश में सरकारी कॉलेजों में प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया स...
सरकारी कॉलेजों के लिए पहली बार हो रही भर्ती, 595 पद भरने का लक्ष्य
रायपुर: प्रदेश में सरकारी कॉलेजों में प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया सुस्ती का शिकार हो गई है। तीन साल बीतने के बाद भी दस्तावेज सत्यापन पूरा नहीं हो सका है। इस देरी के चलते नए सत्र से पहले भर्ती पूरी होने की संभावना कम होती जा रही है।
उच्च शिक्षा विभाग ने पहली बार सरकारी कॉलेजों के लिए 595 प्राध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन तीन साल बाद भी यह प्रक्रिया सिर्फ कागजों में ही सिमटी हुई है। उम्मीदवारों के दस्तावेज सत्यापन में हो रही देरी से चयन प्रक्रिया अटकी पड़ी है, जिससे हजारों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह भर्ती जल्द पूरी नहीं हुई, तो नए सत्र में भी छात्रों को योग्य प्राध्यापक नहीं मिल पाएंगे। उच्च शिक्षा से जुड़े अधिकारियों का तर्क है कि प्रक्रियात्मक देरी और प्रशासनिक बाधाओं के कारण सत्यापन लंबित है।
उम्मीदवारों में बढ़ रही नाराजगी को देखते हुए अब सरकार पर भी दबाव बढ़ रहा है। शिक्षा जगत और छात्रों के अभिभावक चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, ताकि सरकारी कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।
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