थाने में गुमशुदगी दर्ज, फिर भी परिजनों को जानकारी नहीं दी—अब पोस्टमार्टम कराने की जद्दोजहद: रायपुर : मंदिरहसौद इलाके में 19 दिन पहले लापत...
थाने में गुमशुदगी दर्ज, फिर भी परिजनों को जानकारी नहीं दी—अब पोस्टमार्टम कराने की जद्दोजहद:
रायपुर : मंदिरहसौद इलाके में 19 दिन पहले लापता हुए नाबालिग का कंकाल मिलने के बाद परिवार न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहा है। परिजनों ने लापता होने के तीसरे दिन ही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। अब जब केवल कंकाल मिला है, तो परिजनों को पोस्टमार्टम करवाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मंदिरहसौद क्षेत्र से एक नाबालिग 19 दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिवार ने उसकी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बावजूद इसके, पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी बीच, क्षेत्र में एक कंकाल मिलने की खबर आई, जिसके बाद परिजनों ने उसे पहचानने की कोशिश की। अब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने और मौत के कारण का पता लगाने के लिए वे सरकारी तंत्र के चक्कर काट रहे हैं।
परिजनों का आरोप—पुलिस की लापरवाही:
पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो शायद उनके बेटे की जान बच सकती थी। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद, पुलिस ने परिवार को किसी भी अपडेट से वंचित रखा।
मौत का कारण अज्ञात:
अब जब शव की पहचान कंकाल के रूप में हुई है, तो मौत का कारण पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी है। लेकिन परिजनों को इसके लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। पुलिस की निष्क्रियता से आक्रोशित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
प्रशासन से न्याय की मांग:
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज थी, तो उन्हें समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई?
अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिलता है।
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