छत्तीसगढ़ बोर्ड स्कैम: फर्जी कॉल से रहें सतर्क, ठग पास कराने के नाम पर मांग रहे पैसे: रायपुर : छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्...
छत्तीसगढ़ बोर्ड स्कैम: फर्जी कॉल से रहें सतर्क, ठग पास कराने के नाम पर मांग रहे पैसे:
रायपुर : छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को ठगों का सामना करना पड़ रहा है। साइबर अपराधियों ने बोर्ड परीक्षा में फेल बताकर पैसे ऐंठने का नया तरीका अपनाया है। हाल ही में धमतरी सहित कई जिलों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां अभिभावकों को कॉल कर बताया गया कि उनका बच्चा दो विषयों में फेल हो गया है और पास कराने के लिए 5 से 10 हजार रुपये देने होंगे।
कैसे हो रही है ठगी?
ठग फोन पर खुद को छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) का अधिकारी बताकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। वे कहते हैं कि उनके बच्चे की उत्तर पुस्तिका जांच के दौरान पाया गया कि वह दो विषयों में फेल हो गया है। ठग पास कराने के नाम पर बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट के जरिए पैसे ट्रांसफर करने का दबाव डालते हैं।
बोर्ड परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया
फिलहाल छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं प्रदेशभर के 36 केंद्रों पर जांची जा रही हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणाम तैयार करने में किसी भी बाहरी व्यक्ति का कोई दखल नहीं होता। बोर्ड द्वारा पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होती है, जिसमें किसी को सीधे पास कराने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पुलिस की चेतावनी
राज्य पुलिस ने इस तरह की फर्जी कॉल्स को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी को ऐसा फोन आता है, तो वह तत्काल पुलिस हेल्पलाइन या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही ऐसे ठगों को किसी भी तरह की निजी या बैंकिंग जानकारी न दें।
कैसे बचें इस धोखाधड़ी से?
1. बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें – किसी भी परीक्षा परिणाम या पुनर्मूल्यांकन की जानकारी CGBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर देखें।
2. अनजान नंबर से आए कॉल पर सावधानी बरतें – अगर कोई खुद को बोर्ड अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो उसकी सत्यता जांचे बिना पैसे न दें।
3. संदिग्ध कॉल की सूचना पुलिस को दें – इस तरह की कॉल मिलने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
छत्तीसगढ़ बोर्ड स्कैम से बचने के लिए सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों को सतर्क रहने की जरूरत है। जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, जिससे साइबर ठगों के जाल में फंसने से बचा जा सकता है।
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