अरपा भैंसाझार नहर घोटाला: जांच में 24 आरोप सही पाए गए, पटवारी के बाद अब आरआई पर गिरी गाज: बिलासपुर : अरपा भैंसाझार नहर मुआवजा घोटाले की ज...
अरपा भैंसाझार नहर घोटाला: जांच में 24 आरोप सही पाए गए, पटवारी के बाद अब आरआई पर गिरी गाज:
बिलासपुर : अरपा भैंसाझार नहर मुआवजा घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। राजस्व विभाग की गहन पड़ताल में राजस्व निरीक्षक (आरआई) मुकेश साहू को दोषी पाया गया, जिसके बाद संचालक भू-अभिलेख ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। इससे पहले, इस मामले में एक पटवारी पर भी कार्रवाई हो चुकी है।
गंभीर आरोप सही पाए गए:
सूत्रों के अनुसार, जांच समिति ने आरआई मुकेश साहू के खिलाफ 24 गंभीर आरोपों की पुष्टि की है। इनमें फर्जी खसरा नंबर तैयार करना, भूमि अधिग्रहण में हेरफेर और अवैध मुआवजा वितरण जैसे घोटाले शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि नहर निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं।
सरकार ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश:
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस घोटाले में कई अन्य अधिकारी और कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिनकी जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है अरपा भैंसाझार नहर मुआवजा घोटाला?
यह घोटाला नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा लेने से जुड़ा है। आरोप है कि अधिकारियों ने मिलकर फर्जी भूमि स्वामित्व दस्तावेज तैयार किए और करोड़ों रुपये का मुआवजा हड़प लिया।
भ्रष्टाचार पर जारी रहेगी कार्रवाई:
इस मामले में पटवारी के बाद अब आरआई की बर्खास्तगी ने यह साफ कर दिया है कि सरकार इस घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शने के मूड में नहीं है। आगे और भी अधिकारियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
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