बागी सभापति पर गिरी गाज: बीजेपी ने नूतन सिंह ठाकुर को किया निष्कासित: कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा नगर निगम में भाजपा को तगड़ा झटका देने वा...
बागी सभापति पर गिरी गाज: बीजेपी ने नूतन सिंह ठाकुर को किया निष्कासित:
कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा नगर निगम में भाजपा को तगड़ा झटका देने वाली बागी प्रत्याशी नूतन सिंह ठाकुर को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। नूतन सिंह ठाकुर ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी हितानंद अग्रवाल के खिलाफ बगावत कर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद भाजपा ने अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।
बगावत के बाद जीत, फिर निष्कासन:
नगर निगम सभापति पद के लिए भाजपा ने हितानंद अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन पार्टी से असंतुष्ट नूतन सिंह ठाकुर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। नतीजों में उन्होंने जीत दर्ज कर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को हराया, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई।
बीजेपी का फैसला: अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं:
भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कदम उठाया और नूतन सिंह ठाकुर को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ना अनुशासनहीनता है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।"
अब क्या होगा नूतन सिंह ठाकुर का अगला कदम?
पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद नूतन सिंह ठाकुर का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। क्या वह किसी अन्य दल में शामिल होंगी या निर्दलीय रहते हुए अपनी सियासी राह बनाएंगी? फिलहाल, उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कोरबा की राजनीति में उबाल:
इस घटनाक्रम के बाद कोरबा की स्थानीय राजनीति में हलचल मची हुई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नूतन सिंह ठाकुर का यह कदम भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है, क्योंकि इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ सकता है। वहीं, विपक्षी दल इस मुद्दे को भाजपा की अंदरूनी कलह के रूप में देख रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस राजनीतिक घटनाक्रम का कोरबा नगर निगम और भाजपा की स्थानीय इकाई पर क्या असर पड़ता है।
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