छत्तीसगढ़ में संकट में सारस का आखिरी जोड़ा, एक चूजे की मौत, दूसरा लापता: छत्तीसगढ़ : में सारस पक्षियों की स्थिति बेहद चिंताजनक होती जा रही...
छत्तीसगढ़ में संकट में सारस का आखिरी जोड़ा, एक चूजे की मौत, दूसरा लापता:
छत्तीसगढ़ : में सारस पक्षियों की स्थिति बेहद चिंताजनक होती जा रही है। प्रदेश में अब सारस (क्रेन) का केवल एक ही जोड़ा बचा है, जो सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक में निवास करता है। यह जोड़ा राज्य में अपनी प्रजाति का आखिरी प्रतिनिधि है, जिससे इसकी सुरक्षा और संरक्षण की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।
हाल ही में, इस जोड़े के दो चूजों में से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा लापता हो गया है। इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों की चिंता को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आवास के विनाश और शिकार जैसी समस्याओं के कारण सारसों की संख्या लगातार घट रही है।
सरगुजा में पहली बार दिखा हिमालय का शिकारी परिंदा:
वहीं, सरगुजा जिले में पहली बार हिमालयी शिकारी पक्षी (हिमालयन ग्रिफॉन) देखा गया है। यह दुर्लभ गिद्ध प्रजाति आमतौर पर ठंडे पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है, लेकिन इसका छत्तीसगढ़ में दिखना वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए आश्चर्यजनक है। यह संभवतः भोजन और अनुकूल परिस्थितियों की तलाश में यहां आया होगा।
वन विभाग और पर्यावरणविद् इन घटनाओं पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और सारसों के संरक्षण के लिए विशेष कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। यदि इस संकटग्रस्त प्रजाति को बचाने के लिए तत्काल प्रयास नहीं किए गए, तो छत्तीसगढ़ से सारस हमेशा के लिए विलुप्त हो सकते हैं।
कोई टिप्पणी नहीं