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टमाटर के दाम गिरने से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं, सड़कों पर फेंके टनभर टमाटरp

  टमाटर के दाम गिरने से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं, सड़कों पर फेंके टनभर टमाटर: जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर में टमाटर किसानों की हालत बदतर होत...

 टमाटर के दाम गिरने से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं, सड़कों पर फेंके टनभर टमाटर:

जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर में टमाटर किसानों की हालत बदतर होती जा रही है। भारी मेहनत से तैयार की गई फसल को उचित मूल्य न मिलने के कारण किसान निराश और परेशान हैं। हालात यह हैं कि लुड़ेग क्षेत्र में टमाटर का दाम मात्र 1 रुपये प्रति किलो तक गिर चुका है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों के अनुसार, टमाटर की पैदावार अच्छी होने के बावजूद बाजार में मांग न के बराबर है, और व्यापारियों द्वारा कम दाम दिए जा रहे हैं। लागत भी न निकलने से हताश किसान सड़कों पर टमाटर फेंक कर विरोध कर रहे हैं।


क्यों गिर रहे हैं टमाटर के दाम?

1. अधिक उत्पादन: इस बार टमाटर की बंपर पैदावार हुई है, जिससे बाजार में आपूर्ति ज्यादा हो गई।

2. कम मांग: टमाटर की मांग स्थिर रहने के कारण कीमतें लगातार गिर रही हैं।

3. बिचौलियों की मनमानी: व्यापारी बेहद कम दामों पर टमाटर खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा।

4. भंडारण की कमी: टमाटर जल्दी खराब होने वाली फसल है, और किसानों के पास पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज की सुविधा नहीं है।



किसानों की मांग और सरकार से उम्मीद:

किसानों ने सरकार से राहत की मांग की है। वे चाहते हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया जाए या फिर सरकार खुद खरीददारी करे ताकि उन्हें घाटे से बचाया जा सके।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रसंस्करण उद्योग (Processing Industry) को बढ़ावा दिया जाए ताकि टमाटर से उत्पाद बनाकर बाजार में संतुलन रखा जा सके।

सरकार और प्रशासन इस संकट पर क्या कदम उठाते हैं, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल किसान अपनी मेहनत की फसल को सड़कों पर फेंकने को मजबूर हैं।


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