प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में देरी: तीन साल बाद भी इंतजार जारी: रायपुर: में शिक्षा जगत में प्रोफेसर भर्ती को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हु...
प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में देरी: तीन साल बाद भी इंतजार जारी:
रायपुर: में शिक्षा जगत में प्रोफेसर भर्ती को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, जिससे उम्मीदवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। खासकर दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया में देरी ने अभ्यर्थियों की परेशानी और बढ़ा दी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कई बार प्रक्रिया तेज करने के आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस देरी के चलते न केवल योग्य उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में रिक्त पदों के कारण शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
अभ्यर्थियों ने जल्द से जल्द प्रक्रिया को पूरा करने की मांग की है, ताकि वे अपने करियर को आगे बढ़ा सकें और विश्वविद्यालयों में शिक्षण कार्य को मजबूती मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस दिशा में कब तक ठोस कदम उठाता है।
सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर भर्ती पर अनिश्चितता, 2025-26 सत्र भी प्रभावित होने की आशंका:
प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर नियुक्ति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आगामी शिक्षा सत्र 2025-26 में भी प्रोफेसरों की भर्ती होगी या नहीं, इस पर संशय गहराता जा रहा है।
उच्च शिक्षा विभाग के अधीन कॉलेजों में 595 पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने 2021 में वैकेंसी निकाली थी। हालांकि, तीन साल बीतने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। दस्तावेज़ सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं अब तक अटकी हुई हैं, जिससे न केवल उम्मीदवारों की चिंता बढ़ी है, बल्कि कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी भी बनी हुई है।
यदि यह देरी जारी रही, तो अगले शिक्षा सत्र 2025-26 में भी सरकारी कॉलेजों को बिना स्थायी प्रोफेसरों के काम चलाना पड़ेगा। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा। अभ्यर्थी जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे हैं, ताकि वे अपने करियर को आगे बढ़ा सकें और प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों को योग्य शिक्षक मिल सकें।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाता है या फिर यह भर्ती प्रक्रिया और लंबी खिंचती है।
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