3 नवंबर 2026 | बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह बकावंड में विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलम्पिक पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर विजेताओं को प्रशस्...
3 नवंबर 2026 | बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह बकावंड में विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलम्पिक पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर विजेताओं को प्रशस्ति पत्र दिए और सुविधाओं के निर्देश दिए।

- कमिश्नर डोमन सिंह ने बकावंड में बस्तर ओलम्पिक के खिलाड़ियों से मुलाकात की
- लंबी कूद और गोला फेंक के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र दिए गए
- खिलाड़ियों की सुविधा, चिकित्सा और सुरक्षा के लिए अधिकारियों को निर्देश
जगदलपुर, 03 नवम्बर 2026: कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने मंगलवार को बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड मुख्यालय में आयोजित विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलम्पिक प्रतियोगिता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग ले रहे खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया।
कमिश्नर श्री सिंह ने बालक जूनियर और बालिका जूनियर वर्ग की ऊंची कूद स्पर्धा के प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने खिलाड़ियों को आत्मविश्वास और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बालिका जूनियर वर्ग कबड्डी के करीतगांव और करपावंड की टीमों के खिलाड़ियों से भी मुलाकात की और बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने बालिका जूनियर वर्ग लंबी कूद और गोला फेंक प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं ग्रामीण अंचलों की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। बस्तर ओलम्पिक से गांवों के युवाओं और बालिकाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
कमिश्नर श्री सिंह ने प्रतियोगिता स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों की सुविधाओं और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर खेल स्पर्धा के अनुरूप मैदान और जरूरी खेल उपकरणों की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। महिला खिलाड़ियों के लिए पृथक चेंजिंग रूम और खिलाड़ियों के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने को कहा गया।
कमिश्नर ने आयोजन स्थल पर आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, एंबुलेंस और चिकित्सा दल की तैनाती के निर्देश दिए, ताकि किसी खिलाड़ी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। खिलाड़ियों के लिए पेयजल, जलपान और भोजन की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
कमिश्नर ने इन व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए अलग-अलग अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाने और हर व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास और आपसी सद्भाव बढ़ाने का अवसर भी है।
इस दौरान जिला पंचायत खेल एवं युवा कल्याण समिति के सभापति श्री वनवासी मौर्य, क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्री अमित बेक, तहसीलदार जागेश्वरी पोयाम और सीईओ जनपद पंचायत श्वेता साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेलप्रेमी नागरिक भी उपस्थित थे।
स्रोत: जनसंपर्क विभाग

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