• जगदलपुर में कल से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और बिजली निजीकरण के मुद्दे पर भी सरकार को ...
• जगदलपुर में कल से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और बिजली निजीकरण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा:
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रस्ताव आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है और कांग्रेस इसका विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी लागू होने से आदिवासियों को प्राप्त विशेष संवैधानिक प्रावधान प्रभावित हो सकते हैं।
दीपक बैज शनिवार को बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि रविवार से जगदलपुर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। इसी तरह प्रदेश के सभी पांच संभागों में प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
• भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप :
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद कई परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं।
बैज ने कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के पेपर लीक होने का उल्लेख करते हुए आरक्षक भर्ती, वन रक्षक भर्ती, आरआई प्रमोशन, पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर भर्ती और पीएससी की एएसआई भर्ती में भी गड़बड़ियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
बिजली निजीकरण के मुद्दे पर सरकार को घेरा
दीपक बैज ने बिजली की दरों में वृद्धि, 400 यूनिट तक की छूट समाप्त करने और स्मार्ट मीटर लगाने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब बिजली क्षेत्र में निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिजली सत्याग्रह के दौरान बिजली निजीकरण के विरोध को भी प्रमुख मुद्दा बनाएगी।
नक्सल प्रभावित गांवों के विकास पर सवाल
बैज ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बस्तर पंडुम 2025 के दौरान किए गए कथित वादे का उल्लेख करते हुए नक्सल मुक्त घोषित गांवों के विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि दिए जाने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और मुख्यधारा में लौटे लोगों को मुआवजा एवं विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई का मुद्दा भी उठाया।
खनिज संसाधनों और नए कानून का विरोध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने खनिज संसाधनों के निजीकरण और असंतुलित दोहन का आरोप लगाते हुए इसे बंद करने की मांग की। उन्होंने एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ में स्थापित करने की मांग भी रखी, ताकि राज्य को आर्थिक लाभ मिलने के साथ स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके।
बैज ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को बस्तर के आर्थिक और सामाजिक हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों से पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों पर प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर छत्तीसगढ़ की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।
प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, गौरनाथ नाग, पूर्व सभापति कविता साहू, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र परिहार, महामंत्री जाहिद हुसैन, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, कोषाध्यक्ष रविशंकर तिवारी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष निकेत राज झा, विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष विजय दास, सहदेव नाग, जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी शादाब अहमद सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।



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