• जगदलपुर में वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित, जिला पंचायत अध्यक्ष बोलीं- गांवों की छोटी-छोटी जरूरतें होंगी पूरी : जगदलपुर : भारत सरकार की...
• जगदलपुर में वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित, जिला पंचायत अध्यक्ष बोलीं- गांवों की छोटी-छोटी जरूरतें होंगी पूरी :
जगदलपुर : भारत सरकार की विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी जीरामजी) योजना का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल माध्यम से योजना की शुरुआत की। जिला स्तरीय कार्यक्रम जगदलपुर के टाउन हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
योजना के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। वहीं, अब पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार का लाभ मिलेगा। नई मजदूरी दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने कहा कि वीबी जीरामजी योजना ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ग्राम सभाओं के माध्यम से सड़क, तालाब, स्कूल और अन्य विकास कार्यों का चयन किया जाएगा, जिससे गांवों के साथ प्रदेश का भी समग्र विकास होगा। उन्होंने कहा कि यह योजना विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गांवों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि वीबी जीरामजी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का उन्नत और तकनीक आधारित स्वरूप है। इसके तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। साथ ही, पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर कार्य मिलने पर श्रमिकों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना में एकल महिलाएं, दिव्यांगजन, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, ट्रांसजेंडर, बंधुआ मजदूरी से मुक्त व्यक्ति तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के लोगों को रोजगार देने में प्राथमिकता दी जाएगी। पुराने जॉब कार्ड के स्थान पर अब सुरक्षा फीचर्स से युक्त नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा।
योजना के तहत जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण, टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका से जुड़े 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। योजना के संचालन में जीआईएस, सैटेलाइट तकनीक, एनएमएमएस ऐप, बायोमेट्रिक उपस्थिति और अन्य डिजिटल प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के दौरान वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत सामुदायिक एवं व्यक्तिगत कार्यों के स्वीकृति आदेश हितग्राहियों को वितरित किए गए। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।





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