"कोंडागांव में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न, जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क विधिक सहायता देने पर जोर...
"कोंडागांव में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न, जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क विधिक सहायता देने पर जोर"
कोंडागांव, 01 जुलाई 2026।(रोमेश नामदेव) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के तत्वावधान में लीगल एड डिफेंस काउंसिलों की निगरानी एवं सलाह समिति की मासिक बैठक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी की अध्यक्षता में प्रधान न्यायाधीश के विश्राम कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना के तहत संचालित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनहितैषी बनाने पर चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेशमा बेरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री गायत्री साय तथा न्याय रक्षक श्रीमती प्रभा मिश्रा, श्रीमती प्रीति विश्वास एवं श्री राकेश केवर्त उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान अध्यक्ष श्री रिगरी ने लंबित प्रकरणों की स्थिति, अधिवक्ताओं द्वारा जरूरतमंद नागरिकों को प्रदान की जा रही निःशुल्क विधिक सहायता तथा कार्यों की गुणवत्ता का गहन अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद व्यक्तियों तक समयबद्ध, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क विधिक सहायता पहुँचाना लीगल एड डिफेंस काउंसिल का मूल उद्देश्य है। इसके लिए सभी न्याय रक्षकों एवं अधिवक्ताओं को पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने सभी लीगल एड डिफेंस काउंसिलों को न्यायालयीन कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने, पात्र हितग्राहियों को बेहतर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक प्रकरण का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में समिति के सदस्यों ने कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के लिए विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए। सुझावों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए भविष्य में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर सहमति बनी।
बैठक के अंत में अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी ने सभी सदस्यों, न्याय रक्षकों एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिलों से समर्पण और समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक भी निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ प्रभावी रूप से पहुंच सके और न्याय व्यवस्था में आम नागरिकों का विश्वास और मजबूत हो।


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