• मुख्य परिसर के यूटीडी में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश जारी : • दूसरे चरण के ऑनलाइन आवेदन पांच जुलाई तक : जगद...
• मुख्य परिसर के यूटीडी में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश जारी :
• दूसरे चरण के ऑनलाइन आवेदन पांच जुलाई तक :
जगदलपुर : शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर के धरमपुरा स्थित मुख्य कैंपस में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। प्रथम चरण में प्राप्त आवेदनों के आधार पर मेरिट सूची के अनुसार प्रवेश दिए जा रहे हैं, जबकि द्वितीय चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 5 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे। विश्वविद्यालय की प्रवेश अधिसूचना के अनुसार रिक्त सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया 31 जुलाई तक संचालित होगी।
विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) में चार वर्षीय स्नातक, दो वर्षीय स्नातकोत्तर तथा विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें बीए, बीएससी (साइंस एवं लाइफ साइंस), बीकॉम, बीबीए, बी.लिब., एमए, एमएससी, एमबीए, एमसीए, एमएससी रूरल टेक्नोलॉजी, एमकॉम, एम.लिब., एमएसडब्ल्यू, पीजीडीसीए एवं पीजीडीजेएमसी (मीडिया) प्रमुख हैं।
कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय में समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, समाज कार्य, हिन्दी तथा अंग्रेजी साहित्य जैसे विषय उपलब्ध हैं। वहीं विज्ञान एवं लाइफ साइंस संकाय में भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित, सांख्यिकी, भूगर्भशास्त्र, प्राणीशास्त्र, वनस्पति विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, सूक्ष्मजीव विज्ञान, वानिकी एवं वन्यजीव तथा मानव विज्ञान एवं जनजातीय अध्ययन जैसे रोजगारोन्मुखी विषयों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीए विभाग में बीबीए पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जिसे विद्यार्थियों का अच्छा रिस्पोंस मिल रहा है।
विश्वविद्यालय ने मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) में प्रवेश हेतु अलग अधिसूचना जारी की है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई निर्धारित की गई है, जबकि प्रवेश परीक्षा की संभावित तिथि 18 जुलाई है।
• शिक्षा के साथ नवाचार और उद्यमिता पर विशेष जोर :
बस्तर जैसे जनजातीय अंचल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए कार्यरत विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को स्नातक के साथ-साथ स्नातकोत्तर स्तर पर भी लागू किया है। साथ ही, पीएम-उषा योजना के अंतर्गत इसे मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (मेरू) के रूप में चिन्हित किया गया है। विश्वविद्यालय के नए अत्याधुनिक मुख्य परिसर का निर्माण भी तेजी से प्रगति पर है।
विद्यार्थियों को स्वरोजगार, उद्यमिता, स्टार्टअप एवं नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के साथ समझौता (एमओयू) किया है। स्टार्टअप एवं इनोवेशन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एसएमकेवि-आईएसएफ’ नाम से कंपनी का पंजीयन भी कराया गया है। समय-समय पर उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास तथा स्टार्टअप से जुड़े प्रशिक्षण, कार्यशालाएं एवं सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय में छात्रावास, समृद्ध केंद्रीय पुस्तकालय तथा अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। विवि के कालीपुर परिसर में दो आधुनिक सेमिनार हॉल सह ऑडिटोरियम का लोकार्पण भी शीघ्र होने वाला है। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत बस्तर के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण एवं उपयोग की दिशा में भी विशेष पहल की जा रही है।
• विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विश्वविद्यालय का फोकस :
कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, कुशल एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना भी है। इसके लिए परिसर में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण, उद्योग आधारित कौशल, मेंटरशिप, प्रोफेशनल नेटवर्किंग तथा व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि वे रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त कर सकें। प्रो श्रीवास्तव ने युवाओं से विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर उपलब्ध शैक्षणिक एवं नवाचार संबंधी अवसरों का लाभ उठाने की अपील की है।


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