जगदलपुर : जगदलपुर में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और विभिन...
जगदलपुर : जगदलपुर में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर आवाज उठाई है।
जानकारी के अनुसार, चैंबर ऑफ कॉमर्स और जिला अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन को लेकर सहमति बनी। बैठक में सांसद, विधायक और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बस्तर संभाग क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा है और यहां वन, खनिज सहित कई संसाधन मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र को न्यायिक सुविधाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विक्रमादित्य झा ने बताया कि वर्ष 2011 से बस्तर में हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
वहीं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए यह जरूरी है कि यहां न्यायिक ढांचा मजबूत किया जाए। उन्होंने इस मांग को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाने की बात कही।
बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि बस्तर को आजादी के बाद से अब तक अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को एकजुट होकर इस मांग को आगे बढ़ाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर विधानसभा में भी प्रस्ताव लाया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह मुद्दा अब पूरे बस्तर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और लोगों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।



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