जगदलपुर : भूतपूर्व सरपंच स्वर्गीय रामदास जी की स्मृति में आयोजित ग्रामीण फुटबॉल प्रतियोगिता, लामनी 2026 (प्रथम वर्ष) का समापन 29 मार्च को बे...
जगदलपुर : भूतपूर्व सरपंच स्वर्गीय रामदास जी की स्मृति में आयोजित ग्रामीण फुटबॉल प्रतियोगिता, लामनी 2026 (प्रथम वर्ष) का समापन 29 मार्च को बेहद रोमांचक अंदाज़ में हुआ। 21 मार्च से शुरू हुए इस 9A साइड नॉकआउट टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों ने भाग लिया और पूरे आयोजन के दौरान खेल के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
प्रतियोगिता में लामनी A, लामनी B, भेजापदर FC, डोगरीगुड़ा FC, नगरनार FC, आड़ावल FC, धुरवापारा XI, दुर्गादास FC, जामगुड़ा FC, तोटापारा स्ट्राइकर, नियानार SCH, सरगीपाल FC, मसगांव FC, करणपुर FC, उपनपाल FC और लोहंडीगुड़ा FC जैसी टीमों ने हिस्सा लिया।
टूर्नामेंट की शुरुआत प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबलों से हुई, जिसके बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल के रोमांचक मैच खेले गए। हर टीम ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों को बेहतरीन मुकाबले देखने को मिले।
* सेमीफाइनल मुकाबले रहे बेहद कांटे के :
सेमीफाइनल में चार मजबूत टीमें पहुंचीं—लामनी A, डोगरीगुड़ा FC, भेजापदर FC और आड़ावल FC।
पहले सेमीफाइनल में डोगरीगुड़ा FC ने आड़ावल FC को हराकर फाइनल में जगह बनाई, वहीं दूसरे सेमीफाइनल में भेजापदर FC ने लामनी A को मात देकर फाइनल का टिकट हासिल किया।
* फाइनल में सांसें थाम देने वाला मुकाबला :
फाइनल मुकाबला डोगरीगुड़ा FC और भेजापदर FC के बीच खेला गया, जो अंत तक रोमांच से भरपूर रहा। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें डोगरीगुड़ा FC ने 3-2 से जीत दर्ज कर इतिहास रचते हुए इस टूर्नामेंट की पहली चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
* सहयोग और उत्साह ने बनाया आयोजन को खास :
इस सफल आयोजन के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच, सभी पंचायत सदस्यों, गांव के बुजुर्गों, भूतपूर्व खिलाड़ियों और सभी प्रायोजकों का विशेष योगदान रहा। लामनी FC समिति और आयोजन टीम ने भी इस टूर्नामेंट को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दर्शकों का उत्साह भी देखने लायक था। हर मैच में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और खेल के प्रति अपने प्रेम को दर्शाया।
* एकता और खेल भावना का संदेश :
यह टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि गांव में एकता, ऊर्जा और खेल भावना का प्रतीक बनकर उभरा। इस आयोजन ने युवाओं में खेल के प्रति नई प्रेरणा जगाई है और भविष्य में ऐसे और बड़े आयोजनों की मजबूत नींव रखी है।
आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह प्रतियोगिता और बड़े स्तर पर आयोजित होगी और क्षेत्र का नाम खेल जगत में और ऊंचा करेगी।


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