• लगातार मुक्ति मोर्चा नेता नवनीत प्रशासन व शासन के सामने सूख रही इंद्रावती के साथ जल वितरण जल संरक्षण को उठाते रहे है बस्तर की आवाज • नवन...
• लगातार मुक्ति मोर्चा नेता नवनीत प्रशासन व शासन के सामने सूख रही इंद्रावती के साथ जल वितरण जल संरक्षण को उठाते रहे है बस्तर की आवाज
• नवनीत ने कहा- तिरिया से 30 किलोमीटर एनएमडीसी ला सकता है जब पानी तो जिम्मेदार बस्तर के लोगों के लिये क्यों नही ला सकते?
• मुक्ति मोर्चा ने कहा ग्राम पंचायत को दिया जाए पैसा ताकि गोरिया बहार नाला वह गणेश बाहर नाला के चौड़ी करण और गहराई करण के माध्यम से माध्य्म से शबरी नदी का पानी इंद्रावती में लाने हेतु अपने स्तर पर पानी के लिए वह खुद काम कर सकें
जगदलपुर : निरन्तर सूख रहे इंद्रावती नदी में जल संरक्षण, जल वितरण के साथ बस्तर में पेयजल सिंचाई को लेकर सर्वाधिक सक्रिय रहने वाले बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के प्रमुख संयोजक नवनीत चांद जीवनदायनी इंद्रावती नदी की गरिमा और भविष्य को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं ।विदित हो कि नवनीत पूर्व में भी शबरी नदी से पुनः इंद्रावती में पानी लाने सहित इंद्रावती में जल संरक्षण व जल वितरण को लेकर अपनी सुझाव को बस्तर के प्रमुख अधिकारियों के साथ रख चुके हैं।
इंद्रावती नदी में निरंतर गिरते जल स्तर को लेकर एवं बस्तर में पेयजल की गंभीर हो रही स्थिति को लेकर चिंतित नवनीत चांद ने उक्त आशय की जानकारी देते हुए कहा कि मुक्ति मोर्चा शबरी नदी से पुनः इंद्रावती में गणेशबहार, गोरियाबहार नाले के माध्यम से पानी लाने को लेकर पूर्व में बस्तर कलेक्टर रहे श्री चंदन कुमार एवं वर्तमान कलेक्टर व जल संसाधन ई अधिकारी से मिलकर अपनी बात कह चुका है ।
उन्होंने कहा कि एनएमडीसी तिरिया में पंप हाउस के माध्यम से 30 किलोमीटर दूर से नगरनार पानी ला रहा है परंतु इसी तरह का कार्य हम बस्तर के जनहित में क्यों नहीं कर सकते ? चांद ने कहा जबकि उड़ीसा में इंद्रावती के किनारे मक्का व दूसरे तरह की फसल लहलहा रहा है जबकि बस्तर में प्रवेश करते ही स्थिति बदहाल है जोरा नाला की वर्तमान स्थिति सब कुछ स्पष्ट कर देती है?
मुक्ति मोर्चा के प्रमुख संयोजक ने कहा कि अब नया प्रोजेक्ट बनाकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश हो रही है आगे चल कर उड़ीसा इसे भी बंद डिब्बे में ना डाल दे। चांद ने कहा कि डीएमएफटी का पैसा सरपंच व पंचायत के माध्यम से इसलिए दिया जाए ताकि शबरी नदी से लगा हुआ गणेश बाहर नाला एवं गोरिया बहार नाला के किनारे बसें ग्राम पंचायत अपने-अपने क्षेत्र में ग्राम पंचायत, नाले का चौड़ीकरण कर एवं शबरी के संगम स्थल पर जोरा नाला की तरह, गहराई कारण करने पर इन सहायक नालों का पानी से इंद्रावती को लाभ लेने अपनी कोशिश कर सके, जो कार्य उड़ीसा के द्वारा इंद्रावती के पानी को जोरा नाल में ले जाने के लिए किया गया वही काम अब बस्तर के लोगों को शबरी नदी पर कर इंद्रावती पर पानी लाना है उन्होंने कहा कि मुक्ति मोर्चा जीवनदायनी इंद्रावती नदी की गरिमा और अस्तित्व के साथ बस्तर के आम जनता वह किसानों के साथ है और इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष करने तैयार भी। यदि भारतीय जनता पार्टी की सरकार उनके जनप्रतिनिधि ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बाद भी उड़ीसा में सरकार बीजेपी का होने के बाद भी बस्तर के जल संकट की समस्या इंद्रावती नदी में पानी लाकर खत्म नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए यदि प्रशासन के द्वारा जल्द ही इसका हल नहीं निकल गया तो बस्तर मुक्ती मोर्चा शबरी नदी के सहायक नालो के समीप बसे सभी ग्राम पंचायत में चौपाल लगा बैठक ले जागरुक कर, सभी ग्राम वासियों के साथ शबरी नदी के संगम गोरिया बहार नाला की गहराई कारण हेतु कार्य प्रारंभ करवा देगा और उसकी नैतिक जिम्मेदारी वर्तमान सरकार बस्तर के जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग होंगी!
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