ड्यूटी के साथ समाज सेवा: युवा डॉक्टरों का अनोखा प्रयास: बिलासपुर : के सरकारी मेडिकल कॉलेज सिम्स में पढ़ने वाले जूनियर डॉक्टरों ने 2011 मे...
ड्यूटी के साथ समाज सेवा: युवा डॉक्टरों का अनोखा प्रयास:
बिलासपुर : के सरकारी मेडिकल कॉलेज सिम्स में पढ़ने वाले जूनियर डॉक्टरों ने 2011 में एक अनोखी पहल शुरू की थी। गरीब और जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए बनाए गए इस समूह का नाम 'प्यारे एक प्रयास' रखा गया। धीरे-धीरे यह पहल बढ़ती गई और रायपुर, कवर्धा समेत कई जिलों के 100 से ज्यादा डॉक्टर इससे जुड़ गए।
इस समूह के सदस्य अपनी व्यस्त मेडिकल ड्यूटी से समय निकालकर उन इलाकों में पढ़ाने जाते हैं, जहां शिक्षक नहीं हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। इसके अलावा, ये डॉक्टर जरूरतमंद मरीजों के लिए निःशुल्क रक्तदान भी करते हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य—दोनों मोर्चों पर सेवा:
समूह के डॉक्टरों का मानना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य समाज के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। यही वजह है कि वे न सिर्फ गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद कर रहे हैं, बल्कि मरीजों की जान बचाने के लिए रक्तदान अभियान भी चला रहे हैं।
डॉक्टरों का यह समूह कई अन्य सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है, जैसे—जरूरतमंद मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाना और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई में सहयोग देना।
समाज सेवा का जुनून:
'प्यारे एक प्रयास' के सदस्य मानते हैं कि डॉक्टर सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज के हर हिस्से में योगदान दे सकते हैं। उनके इस प्रयास से कई बच्चों को शिक्षा मिली है और कई मरीजों को जीवनदान।
यह समूह न सिर्फ डॉक्टरों के सेवा भाव को दर्शाता है, बल्कि समाज में बदलाव लाने की शक्ति भी दिखाता है। इन युवा डॉक्टरों की यह पहल दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
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