• राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के विस्तार कार्यक्रम के तहत तैयार नाटक में बस्तर के रंगकर्मियों के साथ देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने लिया...
• राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के विस्तार कार्यक्रम के तहत तैयार नाटक में बस्तर के रंगकर्मियों के साथ देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने लिया हिस्सा :
जगदलपुर : रंग साधकों के लिए जगदलपुर में 11 जुलाई से आयोजित 30 दिवसीय प्रस्तुतिपरक नाटक कार्यशाला का समापन आज ‘करसाड़’ नाटक के मंचन के साथ होगा। नाटक का मंचन आज शाम 6 बजे डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार, टाउन हॉल में किया जाएगा।
यह नाटक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत बस्तर एकेडमी ऑफ डांस आर्ट एंड लिटरेचर (बादल), आसना में आयोजित 30 दिवसीय आवासीय कार्यशाला के दौरान तैयार किया गया है। आयोजन संस्कार भारती छत्तीसगढ़ और एनएमडीसी के सहयोग से किया गया।
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को अभिनय, ध्वनि एवं संभाषण, रंगमंचीय खेल सहित विभिन्न रंगमंचीय विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में राजस्थान, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए रंगकर्मियों के साथ स्थानीय युवा कलाकारों ने भी सहभागिता की।
आयोजकों के अनुसार, ‘करसाड़’ शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक ‘मैकबेथ’ पर आधारित है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के प्रशिक्षक के रूप में बस्तर आए नाट्य निर्देशक भुनेश्वर महिलाने ने मैकबेथ की मूल कथा को बस्तर के सामाजिक और भौगोलिक परिदृश्य के अनुरूप नए रंगमंचीय रूप में प्रस्तुत किया है।
आयोजकों ने बताया कि बस्तर में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के सहयोग से इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुतिपरक कार्यशाला पहली बार आयोजित की गई है। जगदलपुर में पहले से नाट्य मंचन की परंपरा रही है, लेकिन बस्तर की पृष्ठभूमि और नई रंगमंचीय परिकल्पना के साथ तैयार ‘करसाड़’ का मंचन दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव होगा।
आयोजक संस्थाओं ने नगर के रंगप्रेमियों और आम दर्शकों से आज अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नाटक का आनंद लेने की अपील की है।



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