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सावन के अंतिम सोमवार पर भव्य झांकियों के साथ निकली भूतेश्वर महादेव की पालकी

• डमरू की गूंज और भोलेनाथ के जयकारों से भक्तिमय हुआ जगदलपुर, जगह-जगह श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत : जगदलपुर : सावन के अंतिम सोमवार के अव...

डमरू की गूंज और भोलेनाथ के जयकारों से भक्तिमय हुआ जगदलपुर, जगह-जगह श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत :

जगदलपुर : सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर भगवान भूतेश्वर महादेव की भव्य पालकी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ नगर भ्रमण पर निकली। लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप स्थित शंकर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद दोपहर करीब 12 बजे पालकी यात्रा शुरू हुई। भगवान शिव की भव्य झांकियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। डमरू की गूंज और भोलेनाथ के जयकारों से पूरा शहर शिवमय नजर आया।

पालकी यात्रा का प्रमुख आकर्षण नवरंगपुर, ओडिशा से आए कलाकारों का नर्तक दल रहा। कलाकारों ने भगवान शिव, विभिन्न देवी-देवताओं और पौराणिक पात्रों का रूप धारण कर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भगवान शिव का तांडव, मां काली और राक्षस के बीच युद्ध तथा भगवान हनुमान द्वारा गदा चलाने की प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जीवंत अभिनय और नृत्य देखने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटी रही।

यात्रा में भगवान शिव के भजनों की धुन पर डीजे की प्रस्तुति के साथ मद्देड़ से आए बैंड दल ने भी सुमधुर धुनें प्रस्तुत कीं। डमरू की गूंज, स्थानीय ढोल की थाप और बैंड की धुनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। पालकी यात्रा में तीन बैंड और तीन डीजे शामिल रहे। श्रद्धालु भक्ति और उत्साह में झूमते नजर आए।

भूतेश्वर महादेव की पालकी जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का स्वागत किया। महिलाओं सहित विभिन्न समाजों के लोगों ने जगह-जगह पालकी को रुकवाकर विधिवत पूजा की और भगवान का आशीर्वाद लिया।

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और झांकियों के कलाकारों के स्वागत के लिए विभिन्न समाजों तथा स्थानीय लोगों ने जगह-जगह शरबत, पानी और मिष्ठान की व्यवस्था की। सेवा और सत्कार के इस भाव ने पालकी यात्रा को और भी आत्मीय बना दिया।

सावन के अंतिम सोमवार पर निकली भूतेश्वर महादेव की यह पालकी यात्रा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकजुटता का सुंदर संगम रही। देर तक नगर में भगवान भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे नजर आए।

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