• बस्तर थाना क्षेत्र में ग्राहक का इंतजार कर रहा था आरोपी, मोबाइल और 100 रुपये नकद भी बरामद : जगदलपुर : बस्तर जिले में प्रतिबंधित नशीली दव...
• बस्तर थाना क्षेत्र में ग्राहक का इंतजार कर रहा था आरोपी, मोबाइल और 100 रुपये नकद भी बरामद :
जगदलपुर : बस्तर जिले में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बस्तर थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 82 नग Pyeevon Spas Plus Tramadol HCl & Acetaminophen Capsules, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 100 रुपये नगद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम भाटपाल चौक के पास एक व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल लेकर बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बस्तर निरीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने ग्राम भाटपाल चौक पहुंचकर मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर एक व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम जयराम विश्वकर्मा (48 वर्ष), पिता स्व. सहदेव सिंह विश्वकर्मा, निवासी भाटपाल खालेपारा, थाना बस्तर बताया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से Pyeevon Spas Plus Tramadol HCl & Acetaminophen Capsules के 82 नग, जिनकी कीमत लगभग 816 रुपये बताई गई है, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 100 रुपये नगद बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रतिबंधित नशीली दवाओं को रखने और बिक्री करने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
आरोपी के विरुद्ध धारा 21(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे 12 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड के लिए विशेष न्यायालय एनडीपीएस, जगदलपुर में पेश किया गया।
• कार्रवाई में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका :
कार्रवाई में थाना प्रभारी बस्तर निरीक्षक संतोष सिंह, निरीक्षक लीलाधर राठौर, उपनिरीक्षक प्रमोद ठाकुर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अमीर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक चतुर राम बघेल, प्रधान आरक्षक उमेश चंदेल, प्रधान आरक्षक चोवादास गेंदले तथा आरक्षक अस्तु राम कश्यप, अमर कश्यप और सन्तु बंजारे का विशेष योगदान रहा।


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