शहरों में खेती को बढ़ावा: 15 करोड़ की लागत से वर्टिकल फार्मिंग सेंटर शुरू करेगी सरकार: रायपुर : छत्तीसगढ़ में बढ़ते शहरीकरण और कृषि योग्य...
शहरों में खेती को बढ़ावा: 15 करोड़ की लागत से वर्टिकल फार्मिंग सेंटर शुरू करेगी सरकार:
रायपुर : छत्तीसगढ़ में बढ़ते शहरीकरण और कृषि योग्य भूमि की कमी को देखते हुए राज्य सरकार अब वर्टिकल फार्मिंग को बढ़ावा देने जा रही है। इस नई तकनीक के जरिए कम जगह में अधिक उत्पादन संभव होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में भी खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।
राज्य सरकार इस पहल के तहत 15 करोड़ रुपये की लागत से वर्टिकल फार्मिंग सेंटर स्थापित करने जा रही है। यह सेंटर किसानों और कृषि उद्यमियों को उन्नत तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें प्रशिक्षण भी देगा।
क्या है वर्टिकल फार्मिंग?
वर्टिकल फार्मिंग एक आधुनिक कृषि पद्धति है, जिसमें बहु-स्तरीय संरचनाओं के जरिए खेती की जाती है। इसमें हाइड्रोपोनिक्स और एरोपोनिक्स जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे मिट्टी की जरूरत कम होती है और जल की खपत भी पारंपरिक खेती की तुलना में 90% तक कम हो जाती है।
क्या होंगे फायदे?
कम जगह में ज्यादा उत्पादन: ऊर्ध्वाधर खेती प्रणाली से कम भूमि में अधिक फसल उगाई जा सकती है।
पानी और संसाधनों की बचत: इसमें जल की खपत बेहद कम होती है, जिससे पानी की बचत होगी।
रसायन-मुक्त उत्पादन: कीटनाशकों और रसायनों का उपयोग कम होने से स्वस्थ और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
शहरों में ताजी सब्जियां: शहरी इलाकों में ही उत्पादन होने से लोगों को ताजा और स्थानीय सब्जियां आसानी से मिल सकेंगी।
किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण:
सरकार के इस वर्टिकल फार्मिंग सेंटर में किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे आधुनिक तरीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। साथ ही, यह सेंटर कृषि स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य में हरित क्रांति को नई दिशा देगी और शहरी खेती को आत्मनिर्भर बनाएगी। जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ के किसान नई तकनीकों से जुड़कर अपनी पैदावार और आमदनी बढ़ा सकें।
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