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प्रधानमंत्री करेंगे 'विद्या समीक्षा केंद्र' की शुरुआत: शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति से लेकर मध्याह्न भोजन तक की मिलेगी जानकारी

  प्रधानमंत्री करेंगे 'विद्या समीक्षा केंद्र' की शुरुआत: शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति से लेकर मध्याह्न भोजन तक की मिलेगी जानकारी:...

 प्रधानमंत्री करेंगे 'विद्या समीक्षा केंद्र' की शुरुआत: शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति से लेकर मध्याह्न भोजन तक की मिलेगी जानकारी:

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल छत्तीसगढ़ के 'विद्या समीक्षा केंद्र' (वीएसके) का शुभारंभ करेंगे। यह देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखेगा।

जनवरी 2024 से रायपुर स्थित समग्र शिक्षा केंद्र के कार्यालय में इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था। अब इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। इस केंद्र से राज्य के 1.80 लाख शिक्षकों और 56 लाख छात्रों की उपस्थिति, कक्षाओं में पढ़ाई की प्रगति, मध्याह्न भोजन की स्थिति, और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी होगी।


कैसे काम करेगा विद्या समीक्षा केंद्र?

विद्या समीक्षा केंद्र आईआईटी भिलाई के छात्रों के सहयोग से विकसित किया गया है। यह केंद्र एक एकीकृत डिजिटल प्रणाली के तहत शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षण पद्धतियों का डेटा संकलित करेगा।

इसके लिए सभी स्कूलों को मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे शिक्षकों को अपनी उपस्थिति, कक्षा की गतिविधियों और अन्य प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन अपडेट करने की सुविधा मिलेगी। वहीं, अभिभावक भी अपने बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन की जानकारी मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।


एआई की मदद से होगी निगरानी:

एआई की मदद से स्कूलों में उपस्थिति, शैक्षणिक गुणवत्ता और योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत:

हर शिक्षक और छात्र की उपस्थिति रियल-टाइम में अपडेट होगी।

कक्षाओं की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जाएगा।

स्कूलों में मिड-डे मील वितरण की जानकारी दर्ज होगी।

स्कूलों की इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का मूल्यांकन होगा।



शिक्षा में डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम:

इस परियोजना को शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, बल्कि शिक्षकों और छात्रों के प्रदर्शन में सुधार करने में भी मददगार साबित होगा।

छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य के शिक्षा तंत्र को सशक्त किया जाएगा और शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी। केंद्र सरकार भी इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देख रही है, जिसे भविष्य में अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के दौरान अन्य शैक्षणिक परियोजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। शिक्षा जगत के विशेषज्ञ इसे भारत में डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय मान रहे हैं।

यह समाचार लेख तैयार है। यदि आप इसमें कोई बदलाव या अतिरिक्त जानकारी जोड़ना चाहते हैं, तो बताएं!


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